हिमाचल में 1427 शिक्षकों की भर्ती का परिणाम घोषित, टीजीटी, जेबीटी और ड्राइंग मास्टर होंगे भर्ती

 

धर्मशाला, 21 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 'लिमिटेड डायरेक्ट रिक्रूटमेंट टेस्ट 2025-26' का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने धर्मशाला में एक प्रेस वक्तव्य जारी कर बताया कि प्रदेश सरकार के कड़े निर्देशों के अनुपालन में बोर्ड ने इस पूरी चयन प्रक्रिया को अत्यंत अल्प समय में और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न किया है। यह परीक्षा बीते 22 फरवरी 2026 को आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम अब बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिया गया है।

इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षा विभाग में टीजीटी (आर्ट्स, नॉन-मेडिकल, मेडिकल, संस्कृत, हिंदी), जेबीटी एवं ड्राइंग मास्टर के कुल 1427 रिक्त पदों को भरा जा रहा है। विशेष बात यह है कि इस भर्ती में एसएमसी (SMC) नीति के तहत प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों ने भाग लिया। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि निदेशालय उच्च शिक्षा से प्राप्त मांग पत्र के आधार पर ही इन पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, ताकि अनुभवी शिक्षकों को उचित अवसर मिल सके और स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हो।

भर्ती के आंकड़ों पर जानकारी देते हुए बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि इन पदों के लिए कुल 1437 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिन्हें जांच के उपरांत अस्थायी रूप से पात्र घोषित किया गया था। आयोजित स्क्रीनिंग टेस्ट में कुल 1433 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि मात्र 4 अभ्यर्थी ही परीक्षा से अनुपस्थित रहे। बोर्ड द्वारा निर्धारित कड़े मानकों और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के आधार पर मेरिट तैयार की गई है। संबंधित अभ्यर्थी अब अपना व्यक्तिगत परिणाम बोर्ड की वेबसाइट पर लॉगिन कर देख सकते हैं।

डॉ. राजेश शर्मा ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड भविष्य में भी सभी भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य की चयन प्रक्रियाएं भी इसी प्रकार सुचारू और आधुनिक तकनीक के समन्वय से संपन्न की जाएंगी, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया