सुख आश्रय योजना के तहत कांगड़ा में 2.24 करोड़ विवाह अनुदान वितरित : अतिरिक्त उपायुक्त

 


धर्मशाला, 16 मार्च (हि.स.)।

मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना एवं मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की बैठक सोमवार को उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा विनय कुमार ने की। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना हिमाचल प्रदेश सरकार की एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के अनाथ एवं निराश्रित बच्चों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें शिक्षा, आत्मनिर्भरता तथा सम्मानजनक जीवन के लिए सहयोग देना है। इस योजना के तहत पात्र बच्चों को 27 वर्ष की आयु तक विभिन्न प्रकार की वित्तीय एवं सामाजिक सहायता प्रदान की जाती है।

योजना के तहत ऐसे बच्चे पात्र हैं जिनके माता-पिता दोनों का निधन हो चुका है। इसके अतिरिक्त जिनके माता पिता 70 प्रतिशत दिव्यांग हैं, वे भी इस योजना के तहत पात्र हैं। लाभार्थियों की पारिवारिक वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए तथा वे अविवाहित और बेरोजगार हों। योजना के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को बाल देखभाल संस्थानों के माध्यम से तथा 18 से 27 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को संस्थानों के बाहर भी विभिन्न लाभ प्रदान किए जाते हैं।

उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में अब तक 878 लाभार्थियों की पहचान की गई है और अब तक 127 लाभार्थी 27 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं।

विनय कुमार ने कहा कि विभिन्न विकास खंडों में योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा, व्यावसायिक एवं कौशल विकास के तहत 193 लाभार्थियों को लगभग 63.80 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग के लिए 6 लाभार्थियों को लगभग 4.43 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। स्टार्टअप सहायता के अंतर्गत 23 लाभार्थियों को लगभग 32.20 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं।

विवाह अनुदान के तहत 113 लाभार्थियों को कुल लगभग 2.24 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। गृह निर्माण सहायता के तहत प्रथम किश्त के रूप में 136 लाभार्थियों को लगभग 1.36 करोड़ रुपये तथा द्वितीय किश्त के रूप में 76 लाभार्थियों को लगभग 76 लाख रुपये जारी किए गए हैं।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत अप्रैल से नवंबर 2025 तक 751 लाभार्थियों को कुल लगभग 2.38 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया