16 सितंबर से शुरू हो रही एसओएस की परीक्षाओं पर रहेगा तीसरी आंख का पहरा

 


धर्मशाला, 10 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 16 सितंबर से शुरू होने वाली राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) की परीक्षाओं को लेकर कमर कस ली है। परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और नकल-विहीन बनाने के लिए बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कड़े सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। इस बार परीक्षा केंद्रों की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों और लाइव मॉनिटरिंग के जरिए सीधी नजर रखी जाएगी। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षा की गोपनीयता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी परीक्षा केंद्रों के हॉल, कमरों के साथ-साथ प्रवेश और निकास द्वारों पर चालू हालत में सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए। कैमरों की कवरेज इतनी पुख्ता होनी चाहिए कि पूरे परिसर की निगरानी हो सके। जहां तक संभव हो, वीडियो के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी करनी होगी। इसके अलावा, लाइव मॉनिटरिंग को निर्बाध बनाने के लिए स्थिर इंटरनेट कनेक्टिविटी और आवश्यकतानुसार स्टैटिक आईपी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों को पूरी परीक्षा की फुटेज कम से कम छह महीने तक अपने पास सुरक्षित रखनी होगी। इसके लिए स्कूलों को पर्याप्त स्टोरेज का इंतजाम पहले ही करना होगा। किसी भी तकनीकी या नेटवर्क खराबी की स्थिति में बिना किसी देरी के बोर्ड को सूचित कर उसका तुरंत समाधान करना होगा। परीक्षा से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत 'एग्जाम मित्रा ऐप' के माध्यम से बोर्ड को भेजनी होंगी।

डॉ. शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा है कि परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरों को जानबूझकर बंद करना, फुटेज को डिलीट करना या उससे छेड़छाड़ करना गंभीर अनियमितता मानी जाएगी। परीक्षा की पूरी मॉनिटरिंग, रिकॉर्डिंग और व्यवस्थाओं को सुचारू रखने की संयुक्त जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य/मुख्याध्यापक और नामित आईटी इनविजिलेटर की होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया