समाज में सजग प्रहरी बनकर नशे के खिलाफ प्रभावी दीवार खड़ी करें स्वयंसेवक : दत्तात्रेय होसबोले
धर्मशाला, 29 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने अपने कांगड़ा जिला प्रवास के दूसरे दिन रविवार को धर्मशाला में 'नगर युवा एकत्रीकरण' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवाओं और स्वयंसेवकों की राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर जोर दिया। अपने संबोधन में होसबोले ने वर्तमान सामाजिक चुनौतियों, सांस्कृतिक मूल्यों के क्षरण और देश विरोधी ताकतों की साजिशों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत की असली पहचान उसकी महान संस्कृति और सनातन परंपराओं में निहित है, जिसे युवा पीढ़ी को सहेजने की आवश्यकता है।
सरकार्यवाह ने समाज में बढ़ते ड्रग्स के चलन पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने की साजिशें हो रही हैं, जो न केवल शरीर बल्कि चरित्र और परिवार को भी तबाह कर देती हैं। होसबोले ने स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि वे समाज में सजग प्रहरी बनकर नशे के खिलाफ प्रभावी दीवार खड़ी करें।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज को रोगी और कमजोर बनाने वालों के विरुद्ध एकजुट हों। शिक्षा और संस्कारों पर बोलते हुए होसबाले ने प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा की आत्मीयता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्राचीन काल में विद्यार्थी विनम्रता से विद्या ग्रहण करते थे, वही भाव आज भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक और गुरु अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें और छात्र विनम्र बनें, तो देश का भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने आधुनिक तकनीक और उपकरणों के सही उपयोग पर भी बल दिया, ताकि उनका लाभ राष्ट्र की प्रगति में मिल सके।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाने के लिए कार्य करें और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलें। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे बदलावों और देश की बढ़ती शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है। ऐसे में हर भारतीय, विशेषकर युवाओं का यह दायित्व है कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखें। इस एकत्रीकरण में सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने भाग लिया और राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया