सत्य के लिए खड़े होने का साहस देता है आरएसएस : ओमप्रकाश

 


धर्मशाला, 25 अक्टूबर (हि.स.)।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हिमाचल प्रांत सह-प्रांत प्रचारक ओमप्रकाश ने कहा कि संघ अपने प्रारंभ से ही सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्र से जुड़े सत्य के लिए खड़े होने का साहस देता रहा है। देश और समाज पर संकट आने पर संघ के स्वयंसेवक अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर उसका सामना करते हैं। वह दाड़ी में रविवार को आयोजित पथ संचलन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि संघ के कार्यों और उद्देश्यों को समझने के लिए उसके भीतर आकर अनुभव करना जरूरी है। तकनीक के साथ उसके सही उपयोग की समझ भी विकसित होनी चाहिए। दुर्भाग्यवश तकनीक तो स्मार्ट होती जा रही है, लेकिन व्यक्ति का चिंतन उसी अनुपात में विकसित नहीं हो रहा है। इससे वैचारिक दिग्भ्रम बढ़ रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सेवानिवृत्त कर्नल रंजीत प्रधान ने कहा कि सेना देश की सीमाओं की रक्षा करती है, जबकि संघ समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए कार्य करता है। उन्होंने कहा कि बाहरी शक्तियों की ओर से देश में अराजकता और अव्यवस्था फैलाने के प्रयास तेज होने के बीच संघ के सकारात्मक प्रयासों की आवश्यकता बढ़ गई है।

कार्यक्रम में बाल स्वयंसेवकों के गण ने विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान करीब 600 परिवारों से एकत्रित भोजन स्वयंसेवकों में वितरित किया गया। इसके माध्यम से सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। पथ संचलन में 378 स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, नगर के प्रबुद्धजन, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया