धार्मिक पर्यटन को विकसित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : आर.एस. बाली
धर्मशाला, 08 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन को नई दिशा देने के उद्देश्य से बुधवार को धर्मशाला स्थित एचपीटीडीसी होटल धौलाधार में दर्शन : हिमाचल प्रदेश में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन पर राउंडटेबल का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन डेवलपमेंट लीडर्स एलायंस (डीएलए), वीज़ा तथा पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
मुख्य अतिथि आर.एस. बाली ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कांगड़ा जिले को प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है और धार्मिक पर्यटन को विकसित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए हवाई संपर्क का विस्तार, हेलीपोर्ट एवं रोपवे परियोजनाओं का निर्माण, जल क्रीड़ा गतिविधियों को बढ़ावा तथा धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने जैसे अनेक महत्वाकांक्षी कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट विकसित करने का कार्य भी प्रगति पर है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया