पठानकोट-जोगेंद्रनगर रेलमार्ग पर ट्रेनों की बहाली को लेकर निकाली रोष रैली

 

धर्मशाला, 22 अप्रैल (हि.स.)।

कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति ने बुधवार को धर्मशाला में रोष रैली निकालकर पठानकोट-जोगेंद्रनगर रेलमार्ग पर ट्रेनों की बहाली को लेकर आवाज बुलंद की। इस दौरान केंद्र सरकार और रेलवे विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। साथ ही उपायुक्त कांगड़ा के माध्यम से प्रधानमंत्री, रेलमंत्री और डीआरएम जम्मू को ज्ञापन भेजकर तुरंत ट्रेनों की बहाली की मांग उठाई गई।

रोष रैली के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने हैरानी व्यक्त की कि ब्रिटिश शासन काल में वर्ष 1926 में इस रेलवे लाइन का निर्माण शुरू हुआ था और वर्ष 1929 में ट्रेनें भी चला दी थी। लेकिन 16 अगस्त, 2022 को ध्वस्त हुए चक्की पुल के निर्माण में ही चार वर्ष लगा दिए। हालांकि इसके निरीक्षण के बाद ट्रेनों की आवाजाही शुरू किए जाने को लेकर नौ मार्च, 2026 का दिन भी निर्धारित कर दिया गया था। लेकिन हैरानी इस बात की है कि इसके बावजूद डेढ़ माह बीत गया है। लेकिन ट्रेनें शुरू नहीं हुई हैं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से ही पठानकोट-जोगेंद्रनगर रेलवे लाइन बदहाल है और इसके बाद से सुचारू रूप से ट्रेनें नहीं चल पाई हैं। पिछले चार वर्ष से तो ये सेवा ठप पड़ी हुई थी। ट्रेनें चलाने के लिए कई बार संघर्ष किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि कांगड़ा घाटी रेल न केवल पर्यटकों की आवाजाही का सुगम साधन है बल्कि यहां के लोगों को भी पठानकोट के लिए आने जाने में सुविधा मिलती थी। यदि रेलवे को लगता है कि किराया कम है तो थोड़ा बढ़ा दे, लेकिन इसे तुरंत शुरू करे। यदि जल्द इस ओर केंद्र सरकार ने कदम नहीं उठाया, तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया