कांगड़ा में ऑनलाइन बैटिंग नेटवर्क का खुलासा, 41 मोबाइल और सात लैपटॉप बरामद, छह आरोपी पकड़े

 

धर्मशाला, 23 अक्टूबर (हि.स.)।

जिला कांगड़ा पुलिस ने बीरता क्षेत्र में ऑनलाइन बैटिंग से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क का खुलासा करते हुए छह लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने मौके से 41 मोबाइल फोन और सात लैपटॉप बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में फेयर प्ले और लोटस 365 ऑनलाइन मंचों के जरिए लोगों को बैटिंग करवाने और धनराशि एकत्र करने की आशंका सामने आई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों, धनराशि के लेन-देन और संभावित आर्थिक गतिविधियों की जांच कर रही है।

एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा ने बताया कि गुरुवार को पुलिस को बीरता क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस थाना कांगड़ा की टीम ने संबंधित मकान की दूसरी मंजिल पर दबिश दी। मौके पर पांच से छह व्यक्ति ऑनलाइन मंचों के माध्यम से लोगों को बैटिंग करवाने की गतिविधियों में संलिप्त पाए गए।

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गतिविधि के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित बैंक खातों से जुड़ी यूपीआई पहचान और क्यूआर कोड एकत्र किए गए थे। आशंका है कि इनका इस्तेमाल लोगों से धनराशि प्राप्त करने के लिए किया जा रहा था। पुलिस को कुछ बैंक खातों का इस्तेमाल दूसरे लोगों की पहचान पर धनराशि के लेन-देन के लिए किए जाने का भी संदेह है।

एसपी ने कहा कि, हिरासत में लिए गए छह लोगों में तीन हिमाचल प्रदेश और तीन बिहार के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान वे बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप के स्रोत तथा इन्हें उपलब्ध करवाने वालों के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाए। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 317(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में तरुण नाम के व्यक्ति को मुख्य व्यक्ति के तौर पर बताया गया है। उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बैटिंग से प्राप्त धनराशि किन बैंक खातों में जमा होती थी और क्या इसे देश के अन्य हिस्सों या विदेश में भेजा जा रहा था। इसके अलावा नेटवर्क में शामिल लोगों, धनराशि के निवेश और लेन-देन की पूरी कड़ी खंगाली जा रही है।

एसपी कुलभूषण वर्मा ने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया