पंचायत चुनाव महाकुंभ : कांगड़ा में बिछी चुनावी बिसात, 17,643 उम्मीदवार मैदान में

 


धर्मशाला, 16 मई (हि.स.)। जिला कांगड़ा में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर अब उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो गई है। पंचायत स्तर से लेकर जिला परिषद तक के चुनावी मुकाबले अब पूरी तरह से रोचक और त्रिकोणीय हो चुके हैं। लोकतंत्र के इस जमीनी उत्सव में गांव-गांव की चौपालें राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गई हैं। इस बार कांगड़ा जिले में कुल 17,643 उम्मीदवार चुनावी रणभूमि में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं। हर प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने के लिए दिन-रात एक कर रहा है।

चुनावी आंकड़ों का विश्लेषण करें तो सबसे कड़ी टक्कर पंचायत के वार्ड सदस्यों के बीच देखने को मिल रही है। जिला में प्रधान पद की बात करें तो ग्रामीण सरकार के इस मुख्य पद के लिए कुल 3,276 उम्मीदवार आमने-सामने हैं।

उप प्रधान पद के लिए 3,678 प्रत्याशी अपनी किस्मत चमकाने के लिए चुनावी मैदान में डटे हैं। पंचायत की नींव कहे जाने वाले वार्ड सदस्यों के पद के लिए सबसे ज्यादा 8,934 उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं।

पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) विकास खंड स्तर की इस राजनीति में 1,509 प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं जिला परिषद सदस्यों के पद के लिए 246 महारथियों के बीच मुकाबला तय हुआ है।

1,805 ने खींचे कदम, 250 के नामांकन हुए रद्द

नामांकन प्रक्रिया और नाम वापसी के दौर के बाद चुनावी तस्वीर में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। जिला भर में कुल 1,805 उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान से अपने कदम पीछे खींचते हुए नाम वापस ले लिए हैं। नाम वापस लेने वालों में प्रधान पद के 479, उप प्रधान के 508, वार्ड सदस्य के 720, पंचायत समिति सदस्य के 81 और जिला परिषद के 17 उम्मीदवार शामिल हैं। इसके अलावा, स्क्रूटनी (जांच) के दौरान कुल 250 नामांकन पत्र कमियों के चलते रद्द कर दिए गए। इनमें प्रधान पद के 62, उप प्रधान के 26, वार्ड सदस्य के 145, पंचायत समिति के 14 और जिला परिषद सदस्य के 3 नामांकन निरस्त हुए हैं।

गांवों में बिछी शह और मात की बिसात

नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद अब चुनावी दंगल पूरी तरह सज चुका है। कांगड़ा के गांवों में चुनावी बैठकों, नुक्कड़ सभाओं, जनसंपर्क अभियानों और घर-घर जाकर समर्थन जुटाने की कवायद तेज हो गई है। जातीय समीकरणों को साधने से लेकर विकास के बड़े-बड़े वादों के साथ प्रत्याशी जनता के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह सियासी माहौल और भी गर्माने की पूरी संभावना है, क्योंकि हर कोई इस बार ग्रामीण सत्ता पर काबिज होने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है।

आचार संहिता का सख्ती से होगा पालन: जिला निर्वाचन अधिकारी

जिला निर्वाचन अधिकारी हेम राज बैरवा ने बताया कि पंचायत चुनावों को लेकर सभी वैध प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए हैं। पूरी निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान आदर्श आचार संहिता और राज्य निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया