जिला पुलिस नूरपुर ने 65 लाख से अधिक मूल्य के जब्त मादक पदार्थ किए आग के हवाले
धर्मशाला, 26 जून (हि.स.)। प्रदेशव्यापी 'एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन' के अंतर्गत “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” के संकल्प को साकार करते हुए अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी निवारण दिवस पर मुख्यमंत्री की वर्चुअल उपस्थिति और मार्गदर्शन में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्जनों मुकदमों में जब्त की गई भारी मात्रा में जब्तशुदा मादक पदार्थों को सामूहिक रूप से इंसिनरेटर में भस्मीभूत किया गया। इस राष्ट्रव्यापी और राज्य स्तरीय कार्यवाही के दौरान जिला पुलिस नूरपुर द्वारा कुल 93 मुकदमों में 9 किलो 681.91 ग्राम चरस, 636.43 ग्राम चिट्टा, 21,221 नशीली दवाइयां, 100 किलो 422 ग्राम पोपी हस्क, 32 किलो 60 ग्राम चूरा पोस्त, 174 पोपी पौधे, 2100 मिली कोरेक्स तथा 6000 मिली नाजायज़ शराब को पूरी तरह से नष्ट किया गया है। नष्ट किए गए इन सभी नशीले पदार्थों का कुल अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय व बाजार मूल्य लगभग 65,33,500 आंका गया है। एसपी नूरपुर इलमा अफरोज ने बताया कि
इस व्यापक कार्रवाई का उद्देश्य केवल प्रशासनिक तौर पर जब्त मादक पदार्थों का सुरक्षित निपटारा करना मात्र नहीं है, बल्कि इसके पीछे राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन का एक अत्यंत गहरा सामाजिक संदेश छिपा है।
ड्रग माफिया को कड़ा संदेश
नशे के अवैध कारोबार में लिप्त अंतरराज्यीय और स्थानीय ड्रग माफिया, पेडलर्स और असामाजिक तत्वों को यह स्पष्ट संदेश देना है कि हिमाचल प्रदेश में उनके काले साम्राज्य के खिलाफ एक निर्णायक युद्ध छिड़ चुका है, जहां उनके लिए कोई जगह नहीं है।
22 अत्यधिक नशा प्रभावित पंचायतों में की बैठकें
वहीं इसी अवसर पर जिला नूरपुर की 22 अत्यधिक नशा प्रभावित पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों एवं शासकीय अधिकारियों की उपस्थिति में 'नशा निवारण समितियों' की बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य नशे के विरुद्ध राज्य सरकार की 'शून्य सहनशीलता' की नीति को धरातल पर कड़ाई से लागू करने तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन की भावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा करना है। इसके साथ ही, पुलिस जिला के लगभग सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों और शासकीय कार्यालयों में नशे के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने हेतु शपथ भी दिलाई गई।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया