नारी शक्ति वंदन अधिनियम सशक्त भारत की ओर एक ऐतिहासिक कदम : रंजू रस्तोगी

 


धर्मशाला, 14 अप्रैल (हि.स.)। भारत की नारी सदैव से शक्ति, संस्कार और सृजन की प्रतीक रही है। हमारे समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं का योगदान अतुलनीय रहा है, लेकिन लंबे समय तक निर्णय लेने वाले मंचों पर उनकी भागीदारी अपेक्षाकृत सीमित रही। ऐसे समय में केंद्र की सरकार द्वारा पारित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” न केवल एक कानून है, बल्कि यह देश की आधी आबादी को उनका उचित सम्मान और अधिकार दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह बात प्रदेश भजापा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष रंजू रस्तोगी ने यहां जारी एक प्रेस बयान में कही।

भाजपा नेत्री ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को राजनीति में अधिक प्रतिनिधित्व प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त करता है। इसके माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित कर, उन्हें नीति निर्माण की प्रक्रिया में सशक्त रूप से भागीदारी का अवसर मिलेगा। यह कदम नारी सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उसे वास्तविक धरातल पर उतारने का कार्य करता है।

उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनकी सरकार का आभार व्यक्त करती हैं, जिन्होंने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया। यह अधिनियम आने वाले समय में लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा।

उन्होंने प्रदेश की सभी मातृशक्ति से आग्रह किया कि वे इस महत्वपूर्ण पहल का स्वागत करें और अपने-अपने क्षेत्रों में अन्य महिलाओं को भी इसके प्रति जागरूक करें। यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि हर महिला के सम्मान, स्वाभिमान और सशक्त भविष्य की नींव है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया