नारी शक्ति वंदन अधिनियम : नारी शक्ति लेगी अपना बदला : डॉ राजीव भारद्वाज

 




धर्मशाला, 20 अप्रैल (हि.स.)। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को विपक्ष का समर्थन नही मिलना पूरे देश की नारी शक्ति का अपमान है। नारी शक्ति अपना अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती तथा आने वाले समय में काली, दुर्गा व महिसासुर मर्दनी बनकर बदला लेगी। यह बात कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद डा. राजीव भारद्वाज ने सोमवार को धर्मशाला में प्रेसवार्ता के दौरान कही।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में बड़ा ज्वलंत विषय है, जिस पर गहन चर्चा हो रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में पास नहीं हो सका। देश की आबादी यानी नारी शक्ति को नीति निर्धारण में जोड़ने का अवसर था, लेकिन विपक्ष के लोकतन्त्र विरोधी होने के कारण पास नहीं कर पाए। केंद्र में सरकार के पास तो तिहाई बहुमत नहीं है, जिससे ये शर्मनाक घटना को विपक्ष ने अंजाम दिया।

डॉ भारद्वाज ने कहा कि जब लोकसभा अध्यक्ष की ओर से घोषणा की गई कि दो तिहाई बहुमत से पास नहीं हुआ है, तो विपक्ष ने तालियां बजाकर इसका स्वागत किया, जबकि एनडीए मायूस होकर रह गई। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने साफ शब्दों में देश की नारी का हक देने की बात कही थी और इतिहास रचने का मौका उपलब्ध था। अधिनियम 2023 में पारित हुआ था, देश का परिसीमन व जातिगत जनगणना भी इस बार होनी है। इसके तहत ही 26 वर्षों में परिवर्तन को लेकर संशोधन लाया गया था। जिसमें 800 के करीब सीटें होने पर 2029 में 33 फीसदी आरक्षण को लागू करना है, जबकि इससे पहले इसे 2034 में शुरू करने का समय रखा गया था

उन्होंने बताया कि ये लंबित अधिकार को रोकने के लिए पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा व 1998 में पीएम अटल बिहारी बाजपेयी के समय भी उक्त बिल को रोकने का कार्य किया था। सपा, आरजेडी व अन्य इंडी एलायंस ने लगातार नारी शक्ति का विरोध व अपमान किया है। यूपीए 2004 से 2014 तक इस अधिकार की चर्चा तक नहीं की गई। 2010 में राज्यसभा बिल पास कर दिया गया था, उसके बाद लोस में बिल ही नहीं लाया गया। उन्होंने कहा कि ये इंटलिजेंट इग्नोरेंस ऑफ बिल था।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया