सांसद अनुराग शर्मा ने केंद्रीय राज्य मंत्री से उठाया आयुर्वेदिक महाविद्यालय पपरोला का मुद्दा
धर्मशाला, 14 अक्टूबर (हि.स.)। राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव से मुलाकात की है।इस मुलाकात के दौरान सांसद ने हिमाचल प्रदेश के एकमात्र राजकीय आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पपरोला की ढांचागत सुविधाओं के उन्नयन के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है। राज्य मंत्री से मुलाकात कर उन्होंने आयुर ज्ञान योजना के अनुसंधान एवं विकास घटक के अंतर्गत आधुनिक केंद्रीय प्रयोगशाला की जरूरत पर भी बल दिया है।
सांसद ने कहा कि यह संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर ए ग्रेडिंग में है और पूरे भारत राज्य संबंध महाविद्यालयों में दूसरे नंबर पर आता है मगर एनसीआईएसएम द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार यहां ढांचागत शैक्षणिक और उपचार सुविधाओं की काफी कमी है। संस्थान में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के 14 आयुर्वेदिक विषयों में स्नातकोत्तर कर रहे प्रशिक्षुओं के लिए आधुनिक सिम्युलेटर वर्चुअल डिसेक्शन टेबल उपकरण की भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई सेमिनार हिमाचल प्रदेश के इसी संस्थान में आयोजित किए जाते हैं। सेमिनारों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेदाचार्य व्याख्यान देने के लिए आते हैं। लेकिन लंबे समय से ऑडिटोरियम का निर्माण पूर्ण नहीं हो पाया है। सेमिनारों की मेजबानी के लिए कठिनाई होती है।
संस्थान में स्नातकोत्तर प्रशिक्षुओं द्वारा बनाई जा रही दवाओं के शोध प्रबंधों के प्रीक्लीनिकल सत्यापन के लिए सुसज्जित पशुग्रह की भी नितांत आवश्यकता है। वर्तमान में इस प्रकार के परीक्षणों के लिए प्रशिक्षुओं को सीएसआईआर पालमपुर या फिर दूसरे प्रदेशों पर निर्भर रहना पड़ता है। अनुराग शर्मा से राज्य मंत्री से आग्रह किया है कि संस्थान को केंद्रीय सहायता से इन तमाम ढांचागत सुविधाओं के उन्नयन के लिए वित्त पोषित किया जाए।
बीएएमएस सहित 14 अन्य विषयों में होती है पीजी की पढ़ाई
राजीव गांधी राजकीय आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं चिकित्सालय पपरोला प्रदेश का एक ऐसा एकमात्र संस्थान है जहां बीएएमएस के साथ 14 विषयों में आयुर्वेदिक विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करवाई जाती है। लंबे समय से संस्थान के उत्थान और उन्नयन की मांग उठती रही है। ढांचागत सुविधाओं के अभाव में संस्थान में सुविधाओं की कमी भी खल रही थी, इसी को लेकर राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री से मुलाकात कर संस्थान की कमियों को दूर करने के लिए आयुज्ञान के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है जिस पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने सैद्धांतिक सहमति जताई है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया