कांगड़ा में मॉनसून के एक महीने में 18 लोगों की मौत, 137 करोड़ का नुकसान
धर्मशाला, 29 जुलाई (हि.स.)। कांगड़ा जिले में जुलाई माह में मानसून ने बड़ी तबाही मचाई है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में जिले में निजी और सार्वजनिक संपत्ति का कुल 137.27 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। सबसे अधिक क्षति लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को हुई है, जबकि पेयजल योजनाएं, कृषि, बिजली और निजी संपत्तियां भी भारी बारिश की मार से अछूती नहीं रहीं। जिला में एक जुलाई से 29 जुलाई के बीच 18 लोगों की मौत हुई है जबकि 39 मवेशियों की भी जान गई है। रिपोर्ट के अनुसार जिले में 18 कच्चे और 16 पक्के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा 31 कच्चे तथा 11 पक्के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। 56 गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि दो दुकानों को भी नुकसान हुआ है।
विभिन्न विभागों को हुआ नुकसान
लोक निर्माण विभाग को सबसे अधिक 103.45 करोड़ रुपये, जल शक्ति विभाग को 28.01 करोड़ रुपये, कृषि विभाग को 3.84 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को 90 लाख रुपये, बागवानी विभाग को छह लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
इसी तरह निजी संपत्तियों को भी नुकसान हुआ है। जिला में पूरी तरह क्षतिग्रस्त 18 कच्चे मकानों को 30 लाख रुपये, पूरी तरह क्षतिग्रस्त 16 पक्के मकानों को 21 लाख रुपये, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 31 कच्चे मकानों को 17 लाख रुपये, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 11 पक्के मकान 6 लाख रुपये तथा 56 गौशालाओं को 13 लाख रुपये का नुकसान आंका गया है।
इसके अलावा दो दुकानों और निजी डंगे को एक-एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
वहीं 39 मवेशियों की मौत से 11 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार मानसून के दौरान अब तक कुल 191 घटनाएं दर्ज की गई हैं। प्रशासन राहत एवं पुनर्वास कार्यों के साथ-साथ क्षति का आकलन लगातार कर रहा है।
उपायुक्त कांगड़ा हेम राज बैरवा ने बताया कि प्रशासन द्वारा मॉनसून पर नजर बनाई हुई है। किसी भी तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया