अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर कांगड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
धर्मशाला, 13 अक्टूबर (हि.स.)।
अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला कांगड़ा में ‘समर्थ’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न शिक्षण संस्थानों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं और आम लोगों को आपदाओं से बचाव, सुरक्षित रहने के तरीकों और आपातकालीन परिस्थितियों में सही कदम उठाने के बारे में जानकारी देना रहा।
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पहले से तैयारी करना बहुत जरूरी है। आपदा प्रबंधन में हर नागरिक, परिवार, विद्यालय और समाज की भागीदारी आवश्यक है। सही जानकारी और समय पर की गई तैयारी से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस का संदेश है कि आपदा से बचाव की तैयारी घर से शुरू होती है। प्रत्येक परिवार को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पहले से योजना बनानी चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकलने के रास्तों की जानकारी होनी चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों और युवाओं को आपदा प्रबंधन की जानकारी देना बहुत जरूरी है। विद्यार्थी विद्यालय में सीखी गई बातों को अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाकर जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी उद्देश्य से अक्टूबर माह के दौरान जिले में ‘समर्थ’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
उपायुक्त ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर जिला कांगड़ा के विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज जिला के विभिन्न कालेजों और स्कूलों में भी कार्यक्रम आयोजित किये गए।
इसके साथ ही जोनल अस्पताल धर्मशाला में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया जिसमें भूकंप होने की परिस्थिति में उठाए जाने वाले कदमों का अभ्यास किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया