नगर निगम जनरल हाउस : महापौर का पट्टिका में नाम न होने और विधायक का हाउस से नाम हटाने पर सदन में तीखी बहस

 


धर्मशाला, 19 अक्टूबर (हि.स.)। नगर निगम धर्मशाला के दूसरे जनरल हाउस में सोमवार को शहर के विकास कार्यों में देरी, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पार्किंग की समस्या और सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए। बैठक में महापौर के नाम का विकास कार्यों की पट्टिका में लगाने और पिछली बैठक की कार्यवाही से विधायक का नाम हटाने के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।

करीब तीन महीने बाद महापौर शमशेर नेहरिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में ठेकेदारों पर शिकंजा कसने और अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करवाने पर जोर दिया गया। तय समय पर काम शुरू नहीं करने और निर्माण कार्यों को लटकाने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। वहीं, काम में लापरवाही बरतने वाले कुछ ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट में डालने की बात भी कही गई। ठेकेदारों को एक समय में दो से अधिक कार्य नहीं देने का प्रस्ताव भी रखा गया। बैठक में उपमहापौर प्रेरणा गुलेरिया, संयुक्त आयुक्त चंद्रवीर सिंह और सभी पार्षद मौजूद रहे।

श्यामनगर के पार्षद सुदेश शास्त्री ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पार्किंग के गलत निर्माण और निर्धारित स्थान से महज 25 मीटर की दूरी पर दूसरी पार्किंग बनाए जाने का मुद्दा उठाया। पूर्व महापौर ने भी नाम पट्टिका का मामला जोर-शोर से उठाया, जिस पर सदन में खूब हंगामा हुआ। इसमें दोनों पक्षों भाजपा व कांग्रेस के पार्षदों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। हंगामा यहां तक पंहुच गया कि दोनों पक्षों के विधायक अपनी सीटों पर खड़े हो गए। इसके बाद महापौर ने हस्तक्षेप करते हुए मामले को शांत करवाया।

बरसात से निपटने के लिए सभी 17 वार्डों को 50 लाख रुपये

बरसात के दौरान होने वाली दिक्कतों से निपटने के लिए नगर निगम के सभी 17 वार्डों के लिए 50 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है। वहीं, वार्डों में लंबित विकास कार्यों को समय से पहले पूरा करवाने की बात कही गई। इसके लिए ठेकेदारों की अलग से बैठक भी आयोजित की जाएगी। पार्षदों ने कहा कि उनकी सहमति के बिना कार्य शुरू नहीं होने चाहिए और निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही कार्यों के लिए निविदाएं आवंटित कर काम शुरू करवाने पर भी जोर दिया गया।

मैक्लोडगंज की बदहाल सीवरेज का मुद्दा उठा

मैक्लोडगंज की पार्षद ने हाउस टैक्स और कूड़ा शुल्क जमा करवाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध करवाने की बात रखी। साथ ही क्षेत्र में बदहाल सीवरेज व्यवस्था में सुधार की मांग की। शहर में बेसहारा कुत्तों और पशुओं की समस्या पर भी पार्षदों ने चिंता जताई। बाहरी लोगों की ओर से कुत्तों को खाना खिलाने के कारण उनके एकत्र होने का मुद्दा उठाते हुए इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। पशुओं की समस्या के समाधान के लिए चलाए जा रहे एबीसी कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई।

भागसूनाग में बनाई जाएगी पार्किंग, वन विभाग की भूमि का चयन

महापौर शमशेर नेहरिया ने कहा कि भागसूनाग में वन विभाग की भूमि पर वन संरक्षण अधिनियम के तहत अनुमति मिलने पर चार से पांच कनाल भूमि में पार्किंग बनाई जाएगी। शहर के अन्य वार्डों में भी पार्किंग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। भागसूनाग पार्किंग की खराब एलईडी लाइटों और वाटरफॉल के पास प्रस्तावित पुल का मुद्दा भी उठा। पुल निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत होने की बात कही गई, जोकि लंबित चल रहा है।

इसके अलावा स्मार्ट सिटी के दो भवनों के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने और अगले महीने से शहर में संकेतक पट्टिकाएं लगाने की बात कही गई। खनियारा वार्ड से पार्षद प्रवीण कुमार ने एक जरूरतमंद के घर के पास सुरक्षा दीवार लगाने के लिए स्वीकृत एक लाख रुपये की राशि दूसरी जगह खर्च किए जाने का मामला भी उठाया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया