जिला परिषद कांगड़ा की बैठक में विकास योजनाओं और बेसहारा गौवंश पर जोर, अधिकारियों को निर्देश

 


धर्मशाला, 04 अगस्त (हि.स.)। जिला परिषद कांगड़ा की त्रैमासिक बैठक मंगलवार को जिला परिषद सभागार, धर्मशाला में जिला परिषद की नवनिर्वाचित अध्यक्षा सीमा चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा विनय कुमार, जिला परिषद के उपाध्यक्ष अभिमन्यु कंवर, सभी नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा विकास खंड अधिकारी (बीडीओ) उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान जिला परिषद अध्यक्षा सीमा चौधरी ने 16वें वित्त आयोग के तहत जारी दिशा-निर्देशों एवं संबंधित मदों पर विस्तार से चर्चा करते हुए सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनहित सर्वोपरि रखते हुए विकास योजनाओं को समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारा जाए।

बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने जिले में बेसहारा गौवंश के संरक्षण, देखभाल एवं आश्रय व्यवस्था को लेकर विस्तृत सुझाव प्रस्तुत किए। इस संबंध में अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने सभी बीडीओ को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संचालित गौसदनों का विस्तृत विवरण शीघ्र उपलब्ध करवाएं, ताकि आवश्यकता के अनुरूप समुचित योजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

बैठक के दौरान सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न विकासात्मक एवं जनहित के मुद्दे भी उठाए।

इस अवसर पर जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर ने जिला परिषद से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक एवं विकासात्मक विषयों की जानकारी देते हुए 16वें वित्त आयोग के प्रावधानों, योजनाओं तथा विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

बढ़ती चोरी की घटनाओं पर जताई चिंता

बैठक में सदस्यों ने जिले में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित खराब सोलर लाइटों को शीघ्र ठीक करने तथा आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त सोलर लाइटें लगाने की मांग उठाई। साथ ही प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने का भी सुझाव दिया गया।

आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से हो पारंपरिक ‘कूल्ह’ सिंचाई व्यवस्था का जीर्णोद्धार

जिला परिषद वार्ड-14 कवादी के सदस्य ने बंडेर खड्ड से संचालित पारंपरिक कूल्ह सिंचाई व्यवस्था के संरक्षण एवं पुनर्जीवन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पूर्व में इन कूल्हों के माध्यम से हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई होती थी, जिससे आलू सहित अन्य फसलों का उत्पादन किसानों की आजीविका का प्रमुख आधार था। उन्होंने आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग करते हुए कूल्हों का जीर्णोद्धार करने का आग्रह किया। वहीं, बुडवार वार्ड की जिला परिषद सदस्या ने बीज भंडारण भवन की जर्जर स्थिति में सुधार का मुद्दा उठाया।

बोह भूस्खलन प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत देने की मांग

बैठक में सदस्यों ने बोह क्षेत्र में भूस्खलन से प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत एवं पुनर्वास सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की। इसके अतिरिक्त गोपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की रिक्तियां भरने तथा गोपालपुर चिड़ियाघर के उन्नयन सहित अन्य स्थानीय विकास संबंधी विषयों पर भी चर्चा की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया