श्री ज्वालामुखी मंदिर के मास्टर प्लान में शहर के सौंदर्यीकरण को मिलेगी प्राथमिकता : संजय रत्न
धर्मशाला, 30 अक्टूबर (हि.स.)। कांगड़ा जिला के प्रमुख शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर एवं शहर के समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को मंदिर न्यास के सभागार में मास्टर प्लान को लेकर बैठक आयोजित की गई। संयुक्त आयुक्त (मंदिर) एवं एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विधायक ज्वालामुखी संजय रत्न विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
बैठक में एनआईटी हमीरपुर के डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर के आर्किटेक्ट्स के साथ मंदिर क्षेत्र के सुनियोजित विकास, श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा ज्वालामुखी शहर को आकर्षक स्वरूप प्रदान करने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विधायक संजय रत्न ने कहा कि शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर प्रदेश की महत्वपूर्ण धार्मिक धरोहर है और यहां देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर के साथ-साथ पूरे शहर का विकास भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी को एक सुंदर, सुव्यवस्थित एवं सुविधाजनक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना प्राथमिकता है तथा मास्टर प्लान के माध्यम से इस दिशा में ठोस पहल की जानी चाहिए।
विधायक ने कहा कि ज्वालामुखी शहर की सुंदरता ऐसी होनी चाहिए कि बस स्टैंड पहुंचने से ही श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को एक व्यवस्थित और आकर्षक धार्मिक नगरी का अनुभव हो।
उन्होंने मंदिर क्षेत्र में पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पहाड़ियों से होने वाले पानी के रिसाव की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक प्रावधान करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांगजनों, बुजुर्गों तथा चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें मंदिर तक पहुंचाने के लिए उचित व्यवस्था विकसित करने पर विशेष बल दिया जाए।
उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी में धार्मिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। मंदिर एवं शहर की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करके, सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देकर तथा श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित करके इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक आकर्षक बनाया जा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया