आईआईआरएफ रैंकिंग में केंद्रीय विश्वविद्यालय को सरकारी विश्वविद्यालयों में 9वां स्थान
धर्मशाला, 07 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश ने भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) रैंकिंग 2026 में सरकारी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में देशभर में 9वां स्थान प्राप्त कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश का सर्वोच्च रैंक प्राप्त करने वाला विश्वविद्यालय बन गया है। यह उपलब्धि कुलपति प्रो. एस.पी. बंसल के दूरदर्शी नेतृत्व में विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध एवं नवाचार, छात्र कल्याण और संस्थागत विकास के क्षेत्र में किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
आईआईआरएफ रैंकिंग 2026 नौ प्रमुख मानदंडों—शैक्षणिक प्रतिष्ठा, स्नातक परिणाम एवं रोजगार क्षमता, शोध परिणाम, मांग अनुपात एवं छात्र प्रोफाइल, नियोक्ता प्रतिष्ठा एवं अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण, संस्थागत विकास एवं कल्याण, प्रभाव एवं मूल्य संवर्धन, सहकर्मी एवं पूर्व छात्र प्रतिक्रिया तथा जनधारणा के आधार पर तैयार की गई है। इन सभी मानकों पर विश्वविद्यालय का उत्कृष्ट प्रदर्शन इसे देश के अग्रणी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में स्थापित करता है।
इस रैंकिंग में विश्वविद्यालय को शैक्षणिक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में देशभर में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है, जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है, जिसके अंतर्गत बहुविषयक शिक्षा, अकादमिक लचीलापन, कौशल आधारित पाठ्यक्रम, अनुभवात्मक अधिगम तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में समाहित किया गया है।
प्रो. बंसल के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने अनेक नवाचारपूर्ण एवं रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं, जिनमें पंचवर्षीय एकीकृत होटल प्रबंधन कार्यक्रम, नैनोमैटेरियल्स विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में एम.टेक., रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस में एमएससी, तथा बी.ए.एल.एल.बी. (ऑनर्स) एवं बी.कॉम. एल.एल.बी. (ऑनर्स) जैसे एकीकृत विधि कार्यक्रम शामिल हैं।
विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं ने आईसीएसएसआर, डीएसटी, डीबीटी, आईसीएचआर, बीआरएनएस, इसरो, आईसीएमआर, यूजीसी तथा शिक्षा मंत्रालय जैसी प्रमुख एजेंसियों से 20.25 करोड़ रुपये से अधिक की शोध परियोजनाएं प्राप्त की हैं। विश्वविद्यालय ने अब तक 42 पेटेंट एवं डिज़ाइन कॉपीराइट प्राप्त किए हैं तथा इसके कई संकाय सदस्य विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल किए गए हैं।
सीयूएचपी की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है। विश्वविद्यालय ने विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों एवं संगठनों के साथ 62 समझौता ज्ञापन किए हैं। इसके अतिरिक्त जर्मनी, अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त अरब अमीरात तथा कजाकिस्तान के विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक साझेदारियां स्थापित की गई हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया