52 साल की हुई एचआरटीसी, हिमाचल की मानी जाती है लाइफलाइन

 


धर्मशाला, 02 अक्टूबर (हि.स.)।

हिमाचल पथ परिवहन निगम ने शनिवार की अपने सफर के 52 वर्ष पूरे कर लिए हैं। दो अक्तूबर 1974 को पहली बार मंडी-कुल्लू सरकारी परिवहन को हिमाचल पथ परिवहन निगम का रूप दिया गया था। स्थापना के बाद से निगम ने प्रदेशवासियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और किफायती सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही वजह है कि एचआरटीसी को हिमाचल की लाइफलाइन के रूप में पहचान मिली है। कई तरह के उतार चढ़ाव के बाद भी एचआरटीसी प्रदेशवासियों की सबसे भरोसेमंद सवारी है।

निगम के मंडलीय प्रबंधक पंकज चड्ढा ने निगम के 52वें स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एचआरटीसी ने वर्षों से प्रदेश के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से जोड़ने का काम किया है। परिवहन सुविधा के विस्तार से लोगों की आवाजाही आसान होने के साथ-साथ प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों तक परिवहन सुविधा पहुंचाना निगम की प्राथमिकताओं में रहा है।

एचआरटीसी की बसें प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में भी लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध करवाती हैं, जहां निजी परिवहन के साधन सीमित हैं। विद्यार्थियों, कर्मचारियों, कामगारों और आम यात्रियों के लिए निगम की सेवाएं रोजमर्रा की जरूरत का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। पंकज चड्ढा ने स्थापना दिवस पर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों, चालकों, परिचालकों, तकनीकी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके परिवारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि निगम से जुड़े सभी लोगों के योगदान से ही एचआरटीसी ने पांच दशक से अधिक का सफर पूरा किया है।

उन्होंने प्रदेशवासियों का निगम पर विश्वास और सहयोग बनाए रखने के लिए आभार जताते हुए कहा कि भविष्य में यात्रियों को और बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया