सफलता के लिए समय प्रबंधन, अनुशासन और संस्कार आवश्यक : डॉ. नरेश शर्मा

 


धर्मशाला, 24 अक्टूबर (हि.स.)। रीजनल सेंटर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय धर्मशाला में शनिवार को गणित एवं अर्थशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘सफलता के स्तंभ हैं संस्कार’ विषय पर एक व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के अंग्रेजी विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समय का सदुपयोग, अनुशासन, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक दृष्टिकोण सफलता के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में किया गया परिश्रम ही भविष्य में सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अध्ययन के प्रति समर्पित रहने तथा विद्यार्थी जीवन में ही अपने भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया।

उन्होंने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इनके अत्यधिक प्रयोग से विद्यार्थियों का बहुमूल्य समय नष्ट होता है। मोबाइल फोन का सीमित एवं उचित उपयोग ज्ञानवर्धन, कौशल विकास और व्यक्तित्व निर्माण में सहायक हो सकता है। शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, पारस्परिक सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केंद्र, धर्मशाला के निदेशक प्रो. कुलदीप कुमार अत्री ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों में ज्ञान, नैतिक मूल्यों और अनुशासन की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर विधि विभाग के प्राचार्य प्रो. डी.पी. वर्मा, डॉ. विजयता पठानिया, डॉ. तिलक राज शर्मा, डॉ. किशोर कुमार, डॉ. श्वेता पठानिया, डॉ. राम रतन, कंचन बाला तथा डॉ. विपन कुमार सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया