विश्व पर्यटन दिवस : सीयू के छात्रों ने निकाली हेरिटेज रैली
धर्मशाला, 23 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के पर्यटन, यात्रा एवं आतिथ्य प्रबंधन स्कूल द्वारा यूएनओ विश्व पर्यटन दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित सप्ताह-व्यापी उत्सव चरैवेति-2026 के तीसरे दिन बुधवार को डिजिटल एजेंडा और एआई के माध्यम से पर्यटन के नए स्वरूप पर केंद्रित विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष के वैश्विक विषय के तहत स्कूल द्वारा 25 से अधिक गतिविधियों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है।
उत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को परिसर में ट्रेजर हंट प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें 70 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसके साथ ही इसी विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को तीसरे दिन को जन-जागरूकता के लिए कला और विरासत को समर्पित किया गया। दिन की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर में नुक्कड़ नाटक से हुई। इस नाटक का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. नरेंद्र सांख्यान, कुलपति के सचिव प्रो. सुमन शर्मा, अधिष्ठाता प्रो. आशीष नाग, संकाय सदस्यों एवं विश्वविद्यालय के अन्य अतिथियों की उपस्थिति में किया गया।
विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत इस नुक्कड़ नाटक ने बहुत ही प्रभावशाली तरीके से दर्शाया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी, स्मार्ट यात्रा कार्यक्रम, डिजिटल भुगतान और डेटा-आधारित आतिथ्य सेवाएं मानवीय स्पर्श को समाप्त नहीं कर रही हैं, बल्कि पर्यटन अनुभव को अधिक कुशल, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बना रही हैं।
प्रारंभिक प्रस्तुति के बाद कुलसचिव प्रो. नरेंद्र सांख्यान एवं उपस्थित संकाय सदस्यों द्वारा हेरिटेज रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस रैली में 130 से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया। रैली विश्वविद्यालय से शुरू होकर धर्मशाला के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों से होते हुए गुजरी। यह रैली ऐतिहासिक आकाशवाणी भवन से प्रारंभ होकर वॉर मेमोरियल, कोतवाली बाजार और मुख्य बाजार तक गई। रैली की विशेषता यह रही कि प्रत्येक पड़ाव पर विद्यार्थियों ने हेरिटेज इंटरप्रेटर की भूमिका निभाते हुए आम लोगों को उस स्थल के ऐतिहासिक महत्व, स्थापत्य कला और उसके संरक्षण की आवश्यकता के बारे में विस्तार से बताया। रैली का समापन धौलाधार परिसर में तीसरे नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने देखा।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. नरेंद्र सांख्यान ने पर्यटन, यात्रा एवं आतिथ्य प्रबंधन स्कूल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विश्व पर्यटन दिवस की थीम को जमीनी जागरूकता से जोड़ना एक सराहनीय पहल है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया