शिक्षा एवं अनुसंधान में एआई की भूमिका महत्वपूर्ण : प्रो. बंसल
धर्मशाला, 16 सितंबर (हि.स.)। यूजीसी–मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला द्वारा बुधवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर ऑनलाइन अभिमुखीकरण एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम 23 सितम्बर तक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, प्रो. सत प्रकाश बंसल द्वारा किया गया।
कुलपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के महत्व एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला। उन्होंने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग एवं महत्व तथा बदलते शैक्षणिक परिदृश्य के अनुरूप शिक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारों की आवश्यकता पर भी विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा एवं अनुसंधान में तकनीकी उन्नति, विशेषकर एआई एवं डिजिटल तकनीकों का सदुपयोग, भारत को वैश्विक स्तर पर ज्ञान, कौशल, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम का आयोजन देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय, गढ़वाल, प्रशांत चंद्र महालनोबिस महाविद्यालय, कोलकाता पश्चिम बंगाल, के सहयोग एवं सहभागिता से यूजीसी–मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला द्वारा किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में कुल 146 प्रतिभागियों ने पंजीकरण किया हुआ है जिनमें 88 महिला एवं 58 पुरुष प्रतिभागी हैं जो कि भारत के 5 विभिन राज्यों से हैं जिनमें उत्तराखंड से 104, पश्चिम बंगाल से 37, राजस्थान और मध्यप्रदेश से 1 तथा हिमाचल प्रदेश से 3 प्रतिभागी शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं, उच्च शिक्षा में इसके प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षण-अधिगम में नवाचार, प्रौद्योगिकी के उपयोग तथा उच्च शिक्षा के बदलते स्वरूप से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया