हिमाचल के साहित्यकारों की कृतियों को संरक्षित करेगा सीयू : प्रो.बंसल

 


धर्मशाला, 22 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों द्वारा रचित पुस्तकों की सूची और पुस्तकों के विषय में समग्र रूप से जानकारी पुस्तक रूप में उपलब्ध करवाई जाएंगी। प्रारंभ में इसमें 10 साहित्यकारों के साक्षात्कारों को प्राप्त कर समाविष्ट किया जाएगा। इससे हिमाचल के साहित्यकारों की कृतियां संरक्षित रहेंगी और शोधार्थियों-विद्यार्थियों को इससे अत्यधिक शैक्षणिक लाभ प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने निर्धारित लक्ष्यों को बखूबी हासिल कर लिया है, परंतु हमें लक्ष्यों से आगे बढ़ कर उच्चतर शिक्षा में भारतीय भाषाओं और हिंदी के प्रयोग को प्रत्येक स्तर पर बढ़ाना होगा। इस मौके पर उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रत्येक शिक्षक द्वारा कम से कम 5 पुस्तकें विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय को भेंट करने को कहा, जिससे कि विश्वविद्यालय में उनके विभाग/केंद्र से संबंधित उपयोगी पुस्तकों की श्रीवृद्धि हो सके। इसके अतिरिक्त उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी नवीन भर्ती टंककों को हिंदी शब्द संसाधन (टंकण) में भी समयबद्ध रूप से प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया, जिससे कि वे हिंदी में शत-प्रतिशत कामकाज कर विश्वविद्यालय के कार्य को हिंदी में और बढ़ा सकें।

उन्होंने हिमाचल के साहित्यकारों से यह अपील की कि अपनी-अपनी रचनाओं की एक-दो प्रतियां विश्वविद्यालय को उपलब्ध करवाएं ताकि इन पर शोधार्थियों-विद्यार्थियों द्वारा शोध किया जा सके और हिमाचल प्रदेश के साहित्यिक योगदान को मुखर रूप से उजागर किया जा सके। इस मौके पर सहायक निदेशक (राजभाषा) संजय कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय में राजभाषा की प्रगति संबंधी रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत की।

वहीं प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. गौतम व्यथित ने अपनी पुस्तकें भेंट करने का प्रस्ताव करते हुए कहा कि उनके द्वारा भी यह प्रयत्न किया जाएगा कि हिमाचल के साहित्यकारों की रचनाएं विश्वविद्यालय को उपलब्ध हो सकें। उन्होंने राजभाषा हिंदी में कार्यालयी कामकाज करने के लिए सभी को धन्यवाद दिया और भविष्य में भी शत-प्रतिशत कार्य करने का निर्देश दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया