जॉब सीकर नहीं जॉब मेकर बनें युवा : राज्यपाल
धर्मशाला, 20 मई (हि.स.)। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि युवाओं को केवल जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब मेकर बनना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है और उन्हें पारंपरिक करियर विकल्पों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों की ओर भी अग्रसर होना चाहिए। उन्होंने मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा उभरती तकनीकों को भविष्य की अपार संभावनाओं वाले क्षेत्र बताते हुए युवाओं को नवाचार, उद्यमिता एवं कौशल विकास की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने बुधवार को केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा युवा संगम–चरण 6 के अंतर्गत राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) पुडुचेरी से आए प्रतिनिधिमंडल के स्वागत मौके पर बतौर मुख्यातिथि यह बात कही।
उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहे, बल्कि समाज, राष्ट्र और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझे। उन्होंने विद्यार्थियों को समग्र एवं संतुलित व्यक्तित्व विकास की ओर ध्यान देने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, जागरूक और राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने वाला नागरिक बनना है। इस अवसर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से आए विद्यार्थियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता, शिक्षा, पर्यटन, भाषा एवं परंपराओं के आदान-प्रदान को निकटता से अनुभव किया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के उद्देश्य को सशक्त करने हेतु किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के कुलाधिपति प्रो. हरमोहिंदर बेदी भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने युवा संगम की अवधारणा एवं उसके व्यापक सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी विविधता में निहित है। उन्होंने कहा कि युवा संगम केवल एक शैक्षणिक यात्रा नहीं, बल्कि भावनात्मक एवं सांस्कृतिक एकता का माध्यम है, जो युवाओं के दृष्टिकोण को व्यापक बनाता है।
कार्यक्रम में कुलाधिपति प्रो. हरमोहिंदर बेदी ने विविधता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत जैसे बहुसांस्कृतिक देश में विभिन्न संस्कृतियां, परंपराएं और विचारधाराएं समाज को समृद्ध बनाती हैं। उन्होंने युवाओं को संवाद, सह-अस्तित्व एवं सांस्कृतिक समन्वय की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया