एच.पी. शिवा परियोजना बागवानी क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित होगी : जगत सिंह नेगी
धर्मशाला, 30 नवंबर (हि.स.)।
राजस्व एवं बागवानी मंत्री ने जगत सिंह नेगी ने कहा कि एच.पी. शिवा परियोजना प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित होगी। हमारा लक्ष्य किसानों को आधुनिक सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उनकी उत्पादन क्षमता को कई गुना बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बागवानी मंत्री ने यह बात धर्मशाला स्थित उपायुक्त कार्यालय में गत दिवस आयोजित एच.पी. शिवा परियोजना की प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हए कही। बैठक में सचिव बागवानी, निदेशक बागवानी, इंजीनियर-इन-चीफ जल शक्ति विभाग, परियोजना निदेशक, संयुक्त निदेशक, मुख्य अभियंता तथा उद्यान एवं जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे।
परियोजना के कार्यों की विस्तृत समीक्षा
बैठक में बागवानी मंत्री द्वारा सिंचाई योजनाओं, ड्रिप इरिगेशन, फील्ड प्रिपरेशन और सोलर फेंसिंग के सभी कार्यों की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया गया।
उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़े सभी विभाग और ठेकेदार पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि फील्ड में काम कर रही टीमें नियमित मॉनिटरिंग करें, किसानों से संवाद बढ़ाएं और सुनिश्चित करें कि परियोजना से मिलने वाले लाभ सीधे कृषकों तक पंहुचे। उन्होंने कहा कि
राज्य सरकार बागवानी क्षेत्र के आधुनिकीकरण को तेज़ गति से आगे बढ़ा रही है। एच.पी. शिवा परियोजना इसके केंद्र में हैं और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हर कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा हो।
उन्होंने कहा कि परियोजना के अंतर्गत 142 सिंचाई योजनाएं चल रही हैं, जिनमें से 123 योजनाओं को दिसंबर 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बागवानी मंत्री ने निर्देश दिए कि सोलर फेंसिंग, ड्रिप इरिगेशन एवं फील्ड प्रिपरेशन के लंबित कार्यों को भी 31 दिसंबर 2025 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। यदि कोई भी ठेकेदार निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा पेनल्टी क्लॉज लागू किया जाए।
परियोजना निदेशक डॉ. देवेंद्र ठाकुर ने जानकारी दी कि एच.पी. शिवा परियोजना के अंतर्गत कुल 6000 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने का लक्ष्य है। वर्तमान में 4000 हेक्टेयर क्षेत्र में कार्य प्रगति पर है। वर्तमान चरण में लगभग 3200 हेक्टेयर क्षेत्र को 31 दिसंबर 2025 से पहले कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया