उपमुख्य सचेतक ने किया राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल के निर्माणकार्य का शिलान्यास

 


धर्मशाला, 19 अक्टूबर (हि.स.)।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने सोमवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैत में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल के निर्माणकार्य का शिलान्यास किया। अपने पुराने विद्यालय में पहुंचकर केवल सिंह पठानिया भावुक हो उठे और उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की यादें ताजा कीं। जिस विद्यालय में उन्होंने कभी शिक्षा ग्रहण की थी, उसी संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से युक्त भवन की आधारशिला रखना उनके लिए भावनात्मक और यादगार क्षण रहा।

इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उपमुख्य सचेतक ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित करने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के रैत में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी गई है। उन्होंने कहा कि लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से युक्त बेहतर वातावरण उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और व्यक्तित्व विकास के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाना आवश्यक है। राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की परिकल्पना इसी उद्देश्य से की गई है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर प्राप्त हों। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे मेहनत, अनुशासन और लगन को अपने जीवन का मूलमंत्र बनाएं तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने विद्यालय, क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करें।

इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैत के प्रधानाचार्य शमशेर भारती ने मुख्यातिथि का स्वागत किया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

इसके उपरांत उपमुख्य सचेतक ने चंबी गांव में 5 लाख रूपये से निर्मित वर्षा शालिका का लोकार्पण किया और हॉकी टूर्नामेंट चंबी के समापन समारोह में शिरकत की व विजेताओं को ईनाम वितरित किये।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया