कांगड़ा में तीन माह में कारोबारियों से दो हजार लीटर इस्तेमाल किया हुआ तेल उठाया
धर्मशाला, 20 अक्टूबर (हि.स.)। जिला कांगड़ा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले खाद्य तेल की निगरानी तेज कर दी है। फ्राइंग के लिए बार-बार इस्तेमाल होने वाले तेल से लोगों की सेहत को होने वाले नुकसान को देखते हुए विभाग कारोबारियों को इस्तेमाल किए गए तेल को खुले में फेंकने के बजाय सुरक्षित तरीके से एकत्र करने के लिए जागरूक कर रहा है। इसके लिए विभाग ने जयपुर की एक कंपनी के साथ समझौता किया है, जो खाद्य प्रतिष्ठानों से इस्तेमाल किया हुआ तेल एकत्र कर रही है। पिछले तीन महीनों में कंपनी जिला कांगड़ा से करीब दो हजार लीटर इस्तेमाल किया हुआ तेल उठा चुकी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की सहायक आयुक्त डॉ. सविता ठाकुर ने बताया कि मैक्लोडगंज, कांगड़ा, पालमपुर और धर्मशाला क्षेत्रों से इस्तेमाल किए गए तेल की अधिक मात्रा एकत्र की गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के प्रावधानों के अनुसार एक ही तेल को तीन बार से अधिक तलने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। बार-बार गर्म करने से तेल की गुणवत्ता प्रभावित होती है और उसमें हानिकारक रासायनिक यौगिक बनने लगते हैं। ऐसे तेल का इस्तेमाल लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
डॉ. ठाकुर ने बताया कि खाद्य तेल में कुल ध्रुवीय यौगिकों (टीपीसी) की अधिकतम निर्धारित सीमा 25 प्रतिशत है। यदि तेल में इन यौगिकों की मात्रा इससे अधिक हो जाती है तो वह खाद्य उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं रहता। बार-बार या अधिक तापमान पर तेल गर्म करने से उसमें रासायनिक बदलाव होते हैं, जिससे तेल की गुणवत्ता और सुरक्षा प्रभावित होती है। ऐसे में कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करने और इस्तेमाल किए गए तेल का दोबारा उपयोग करने से बचने की जरूरत है।
खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता की भी जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग जंक फूड की दुकानों सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता व्यवस्था पर भी लगातार नजर रख रहा है। डॉ. ठाकुर ने बताया कि कारोबारियों को समय-समय पर प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए जाते हैं। निरीक्षण के दौरान यदि किसी प्रतिष्ठान में स्वच्छता की स्थिति खराब पाई जाती है तो संबंधित कारोबारी का मौके पर चालान किया जा सकता है। इसके अलावा नियमानुसार उसके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया