हिमाचल में एकलव्य मॉडल स्कूल चयन परीक्षा में एसटी वर्ग को मिलेगा 90 प्रतिशत आरक्षण : डॉ राजेश शर्मा

 


धर्मशाला, 09 अक्टूबर (हि.स.)। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय चयन परीक्षा-2027 (ईएमआरएसएसटी) के तहत हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब प्रदेश में एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को 80 प्रतिशत के बजाय 90 प्रतिशत प्रभावी आरक्षण का लाभ मिलेगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा के प्रॉस्पेक्टस में निर्धारित आरक्षण व्यवस्था को संशोधित करते हुए 8 अक्टूबर, 2026 को शुद्धिपत्र जारी किया है। इस बदलाव से प्रदेश में संबंधित श्रेणियों के अभ्यर्थियों की उपलब्धता के आधार पर आरक्षण का वितरण नए सिरे से निर्धारित किया गया है।

विशेष श्रेणियों के अभ्यर्थी नहीं मिलने पर एसटी वर्ग को लाभ

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि EMRSST-2027 के प्रॉस्पेक्टस/विज्ञापन की धारा 9.4(1) में आरक्षण व्यवस्था को लेकर संशोधन किया गया है। प्रदेश में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह तथा डीएनटी/एनटी/एसएनटी समुदायों के अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण इन श्रेणियों के लिए निर्धारित कुल 10 प्रतिशत आरक्षण को एसटी वर्ग में समायोजित किया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप एसटी वर्ग के लिए प्रभावी आरक्षण 90 प्रतिशत हो जाएगा।

विभिन्न विशेष श्रेणियों के लिए भी आरक्षण का प्रावधान

संशोधित व्यवस्था के तहत वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं, कोविड-19 तथा निर्धारित अन्य परिस्थितियों में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों, दिवंगत विधवाओं के बच्चों, दिव्यांग माता-पिता के बच्चों और अन्य निर्दिष्ट श्रेणियों के लिए संयुक्त रूप से 7 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। वहीं, भूमि दानदाताओं के बच्चों के लिए 3 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है। बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार, इन श्रेणियों के लिए निर्धारित प्रावधान संशोधित आरक्षण तालिका के अनुसार लागू होंगे।

60 सीटों में पांच प्रतिशत सीटें दिव्यांग बच्चों के लिए आरक्षित

डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि कुल 60 सीटों में से 5 प्रतिशत सीटें बेंचमार्क दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। भूमि दानदाता कोटे के तहत पात्र अभ्यर्थी को उसी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा, जिसके लिए संबंधित दानदाता ने भूमि दान की है। आरक्षण के वितरण में ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर से जुड़े प्रावधान भी संशोधित तालिका में शामिल किए गए हैं।

बोर्ड अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि शुद्धिपत्र के माध्यम से किए गए संशोधनों के अलावा प्रॉस्पेक्टस और विज्ञापन की अन्य सभी शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया