शीतकालीन स्कूलों के लिए प्रश्नपत्रों की डिमांड का 6 अक्टूबर तक आखिरी मौका

 


धर्मशाला, 03 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों में नवंबर-दिसंबर में होने वाली परीक्षाओं को लेकर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की डिमांड भेजने के लिए अब केवल 6 अक्टूबर तक का समय बचा है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और किसी भी स्कूल से ऑफलाइन माध्यम से आई प्रश्नपत्रों की मांग किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने सभी संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना पोर्टल पर प्रश्नपत्रों की डिमांड दर्ज करें। इसके साथ ही संबंधित ब्लॉक और उपनिदेशक कार्यालयों को भी जिम्मा सौंपा गया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी स्कूलों के साथ तालमेल बिठाएं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर स्कूल निर्धारित समय-सीमा के भीतर इस अनिवार्य ऑनलाइन प्रक्रिया को पूरा कर ले ताकि परीक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।

अब 150 रुपये लेट फीस के साथ हो रही है प्रक्रिया

स्कूलों को अब प्रश्नपत्रों की डिमांड भेजने के लिए भारी भरकम लेट फीस चुकानी पड़ रही है। बोर्ड द्वारा तय किए गए सामान्य शुल्क के अनुसार, तीसरी और पांचवीं कक्षा के लिए 100 रुपये और आठवीं कक्षा के लिए 150 रुपये प्रति विद्यार्थी फीस निर्धारित है। बिना लेट फीस के आवेदन की अवधि 16 सितंबर को ही खत्म हो चुकी है। वर्तमान में (27 सितंबर से 6 अक्टूबर तक) जो स्कूल डिमांड भेज रहे हैं, उन्हें प्रति विद्यार्थी 150 रुपये का विलंब शुल्क (लेट फीस) अलग से चुकाना पड़ रहा है। बोर्ड ने दोहराया है कि 6 अक्टूबर के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया