अंकुश शर्मा ने संभाली स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव की कमान, पारदर्शिता और तकनीक पर रहेगा जोर

 


धर्मशाला, 21 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला को नया सचिव मिल गया है। वर्ष 2018 बैच के तेजतर्रार हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा अधिकारी अंकुश शर्मा ने मंगलवार को शिक्षा बोर्ड के सचिव का अहम कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालते ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम सेवाएं उपलब्ध कराना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

कार्यभार संभालते ही एक्शन में दिखे नए सचिव

सचिव की कुर्सी संभालते ही अंकुश शर्मा एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने तुरंत बोर्ड की विभिन्न शाखाओं का औचक दौरा किया और वहां तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा बोर्ड की जटिल कार्यप्रणाली—जैसे परीक्षा संचालन, उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन, परिणाम घोषणा और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) आधारित सेवाओं की बारीकी से जानकारी ली। नए सचिव ने कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे समन्वय, उत्तरदायित्व और टीम भावना के साथ काम करें, ताकि बोर्ड की सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा समयबद्ध बनाया जा सके।

गौरतलब है कि शिक्षा बोर्ड में अपनी नई पारी शुरू करने से पूर्व अंकुश शर्मा डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (टांडा) में अतिरिक्त निदेशक के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत थे। अपने नए दायित्व को लेकर उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण संस्था है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी सहयोग और समर्पण की भावना से कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बोर्ड की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने नए सचिव का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अंकुश शर्मा को सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनके व्यापक प्रशासनिक अनुभव, शानदार नेतृत्व क्षमता और कार्यकुशलता का लाभ शिक्षा बोर्ड को मिलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया