स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सत्र 2026-27 के लिए जारी किए संशोधित मॉडल प्रश्न-पत्र
धर्मशाला, 10 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थी अब रटकर नहीं, समझकर परीक्षा देंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की विभिन्न परीक्षाओं के लिए संशोधित मॉडल प्रश्न-पत्र जारी कर दिए हैं। ये प्रश्न-पत्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ राजेश शर्मा का कहना है कि प्रदेश की शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली को अधिक विद्यार्थी-केंद्रित, कौशल-आधारित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
बोर्ड के अनुसार नए मॉडल प्रश्न-पत्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और परख टेक्सोनोमी के अनुरूप तैयार करवाए गए हैं। इनका उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम आधारित जानकारी या रटने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की विषयगत समझ, ज्ञान के अनुप्रयोग, तार्किक चिंतन, विश्लेषणात्मक क्षमता और समस्या-समाधान की क्षमता का बेहतर आकलन करना है।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी, लचीला, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने, स्वतंत्र रूप से सोचने और अपनी प्रतिभा एवं रुचि के अनुसार आगे बढ़ने के लिए सक्षम बनाना है। इसके लिए शिक्षण और मूल्यांकन प्रक्रिया में निरंतर सुधार आवश्यक है, और मॉडल प्रश्न-पत्रों व मूल्यांकन पद्धति में किए जा रहे सुधार इसी सोच का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड प्रदेश में शिक्षा के स्तर को निरंतर बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया