बोर्ड परीक्षाओं में नकल पर लगेगी लगाम, बोर्ड ने की लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग की तैयारी
धर्मशाला, 28 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अब बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नकलची और लापरवाही बरतने वाले परीक्षा केंद्र पूरी तरह से तीसरी आंख के पहरे में रहेंगे। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आगामी सितंबर में परीक्षाओं को पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कमर कस ली है। बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों की 'ऑडियो-वीडियो आधारित लाइव मॉनिटरिंग' व्यवस्था को प्रभावी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने सख्त निर्देश जारी करते हुए प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों को 5 सितंबर, 2026 तक सीसीटीवी कैमरों और संबंधित व्यवस्थाओं की पूरी रिपोर्ट ऑनलाइन गूगल फॉर्म के जरिए सौंपने का अल्टीमेटम दिया है।
कैमरे की जद में होगा पूरा हॉल, हर गतिविधि पर रहेगी 'तीसरी आंख'
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरे की स्थिति और एंगल सटीक होना चाहिए। डॉ. राजेश शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि कैमरे इस तरह से लगाए जाएं कि पूरा परीक्षा हॉल और परीक्षार्थियों की हर एक गतिविधि स्पष्ट रूप से बिना किसी रुकावट के मॉनिटरिंग स्क्रीन पर दिखाई दे। इसके अलावा, परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था भी बोर्ड के निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए, जिसमें उनके बीच पर्याप्त दूरी और कक्ष में सख्त अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य होगा।
कोताही बरतने वाले केंद्रों पर गिरेगी गाज
बोर्ड ने स्टेट ओपन स्कूल (एसओएस) सहित सभी परीक्षा केंद्रों और वहां तैनात पर्यवेक्षकों व निरीक्षकों को भी सख्त हिदायत दी है। परीक्षा ड्यूटी में तैनात स्टाफ को पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। डॉ. शर्मा ने कहा कि सीसीटीवी प्रणाली, बैठक व्यवस्था या निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। निर्देशों की अनदेखी करने वाले परीक्षा केंद्रों के खिलाफ नियमानुसार सख्त प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डिजिटलाइजेशन की इस नई व्यवस्था में परीक्षा केंद्रों की सहूलियत का भी ध्यान रखा गया है। यदि किसी परीक्षा केंद्र को ऑनलाइन गूगल फॉर्म भरने या सीसीटीवी व्यवस्था का विवरण देने में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो वे तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए बोर्ड ने दूरभाष नंबर 01892-242175 जारी किया है, जिस पर संपर्क कर आवश्यक तकनीकी मदद ली जा सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया