आपदा प्रबन्धन उप-परियोजना के तहत परामर्श बैठक आयोजित, विभागों से मांगे सुझाव

 


धर्मशाला, 22 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में आपदा जोखिम न्यूनीकरण परियोजना के तहत राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों, राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र तथा जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्रों के संस्थागत परिचालन एवं तकनीकी क्षमता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सोमवार को मिनी सचिवालय में हितधारकों के साथ परामर्श बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने की।

बैठक में परियोजना के प्रभावी क्रियान्वय के लिए विभिन्न विभागों से सुझाव व परामर्श मांगे। इसके अलावा उप-परियोजना के विभिन्न घटकों से सम्बन्धित विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने परियोजना के तहत आगामी कार्ययोजना तैयार करने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित मानकों के कार्यान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों एवं उनके समाधान पर भी चर्चा की गई तथा विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किये।

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि जिला कांगड़ा भूकम्पीय दृष्टिकोण से राज्य का अतिसंवेदनशील क्षेत्र है। जिसके कारण आपदा तैयारी, रोकथाम, जोखिम न्यूनीकरण, प्रतिक्रिया तथा पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण से सम्बन्धित प्रक्रियाओं को सुदृढ़ता के लागू करना अत्यावश्यक है। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत आधुनिक आपदा प्रबंधन अवसंरचना की स्थापना, समन्वय एवं निर्णय-निर्माण प्रणालियों का सुदृढ़ीकरण, निगरानी एवं मूल्यांकन तंत्र को विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने आपदा प्रबन्धन के लिए समर्पित कार्यालय स्थान, सम्मेलन सुविधाओं, सिमुलेशन कक्षों, संचार प्रणालियों तथा आपातकालीन समन्वय अवसंरचना की उपलब्धता में सुधार का भी परामर्श दिया।

उपायुक्त ने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग अपने-अपने संकलित डाटा को परस्पर साझा करें।

उन्होंने सुझाव दिया कि उप-परियोजना के तहत ढांचागत सुविधाओं के निर्माण के दौरान जेंडर एक्शन प्लान के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए महिलाओं एवं दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया