डीएलएड काउंसलिंग : पहले चरण में 1308 सीटें आवंटित, 1142 सीटें अब भी खाली

 


धर्मशाला, 02 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन डीएलएड-2026 की काउंसलिंग प्रक्रिया का पहला चरण संपन्न हो गया है। 21 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक चली इस प्रक्रिया में प्रदेश भर के संस्थानों में उपलब्ध कुल 2,450 सीटों में से 1,308 सीटों पर अभ्यर्थियों को दाखिला मिल गया है। हालांकि, पहले चरण के बाद भी अभी 1,142 सीटें रिक्त रह गई हैं, जिन्हें आगामी चरणों में भरा जाएगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि यह आवंटन पूरी तरह से मेरिट, छात्रों द्वारा भरे गए विकल्पों और पारदर्शिता के मानकों का पालन करते हुए किया गया है।

सरकारी कॉलेजों की ओर छात्रों का भारी रुझान

सीटों के आवंटन के आंकड़ों से स्पष्ट है कि अभ्यर्थियों की पहली पसंद सरकारी संस्थान ही रहे हैं। प्रदेश के सरकारी संस्थानों में उपलब्ध 900 सीटों में से 746 सीटें पहले ही चरण में भर गई हैं और यहां मात्र 154 सीटें खाली बची हैं। दूसरी ओर, निजी संस्थानों में कई सीटें खाली रह गई हैं। निजी संस्थानों की 'सब्सिडाइज्ड' श्रेणी की 775 सीटों में से 408 सीटें आवंटित हुई हैं (367 रिक्त)। वहीं, 'नॉन-सब्सिडाइज्ड' श्रेणी की 775 सीटों में से केवल 154 सीटें ही भर पाई हैं, जबकि सर्वाधिक 621 सीटें इसी श्रेणी में खाली रह गई हैं।

मान्यता के अभाव में दो संस्थानों पर गिरी गाज

इस बार की काउंसलिंग प्रक्रिया से दो संस्थानों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि जिला मंडी के सुंदरनगर स्थित ब्लूम्स कॉलेज ऑफ एजुकेशन और जिला शिमला के रामपुर केओंथल स्थित शांतिलया इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग की कुल 100 सीटों को आवंटन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है। इसका कारण इन संस्थानों का राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त न होना और राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध न होना है।

तय समय में पूरी करनी होगी प्रवेश प्रक्रिया

बोर्ड अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण में जिन अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित हो चुकी हैं, वे निर्धारित समयावधि के भीतर अपने-अपने संस्थानों में जाकर प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करें। जो 1,142 सीटें खाली रह गई हैं, उनके लिए बोर्ड द्वारा जल्द ही आगामी काउंसलिंग की तिथियां और नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया