उपायुक्त ने कांगड़ा जिला के पहले शक्ति सदन का किया शुभारंभ

 


धर्मशाला, 01 सितंबर (हि.स.)। मिशन शक्ति के तहत पालमपुर के सुंगल में निर्मित शक्ति सदन (स्वाधार गृह) नारी को सबल प्रदान करने और उत्थान के लिए कार्य करेगा। योजना के तहत जिला कांगड़ा का यह पहला स्वाधार गृह है जहां विभिन्न पात्र महिलाएं सम्मानपूर्व जावन यापन कर पाएंगी। पालमपुर रोटरी हेल्पेज फाउंडेशन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित शक्ति सदन के शुभारंभ मौके पर कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने यह बात कही।

उन्होंने सदन का शुभारंभ करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में फंसी महिलाओं को आश्रय, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा, परामर्श एवं पुनर्वास सहायता प्रदान करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सदन उक्त पात्र महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर मुख्यधारा में पुनः स्थापित करेगा।

उन्होंने कहा कि परित्यक्ता, विधवा, तलाकशुदा या बेघर महिलाएं, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न या शोषण की शिकार महिलाएं इस योजना के तहत लाभ प्राप्त कर सकेंगी। इसके अलावा मानव तस्करी से मुक्त कराई गई महिलाएं, प्राकृतिक आपदा या सामाजिक संकट से प्रभावित महिलाएं, जेल से रिहा महिलाएं जिनके पास आश्रय नहीं है तथा मानसिक या सामाजिक संकट की स्थिति में महिलाएं इस सदन में आश्रय प्राप्त कर पाएंगी। इसके तहत आयु सीमा सामान्यतः 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

उपायुक्त ने शक्ति सदन (स्वाधार गृह) को संचालित करने के लिए पालमपुर रोटरी हेल्पेज फाउंडेशन और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की सराहना भी की। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही स्वाधार गृह पूर्ण क्षमता के साथ कार्य करेगा। उन्होंने प्रशासन की ओर से इस कार्य के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया