दिल्ली में होगा तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के घुटने का उपचार, शुक्रवार को होंगे रवाना

 


धर्मशाला, 04 जून (हि.स.)। तिब्बतियों के सर्वोच्च धर्मगुरु दलाई लामा अपने बाएं घुटने के इलाज के लिए शुक्रवार को धर्मशाला से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। पिछले कुछ समय से उन्हें बाएं घुटने में तकलीफ की शिकायत है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनके चिकित्सा उपचार के लिए यह दौरा निर्धारित किया गया है।

दलाई लामा सचिवालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में उनके घुटने की जांच और आवश्यक उपचार किया जाएगा। चिकित्सा प्रक्रिया पूरी होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों तक पूर्ण आराम करने और यात्रा से बचने की सलाह दी है।

दिल्ली में स्वास्थ्य लाभ की अवधि के दौरान वे डॉक्टरों की सीधी निगरानी में रहेंगे। इसका उद्देश्य उनके घुटने की स्थिति में तेजी से सुधार सुनिश्चित करना है। 90 वर्षीय दलाई लामा बढ़ती उम्र के बावजूद देश-विदेश में लगातार सक्रिय रहते हैं।

उधर दिल्ली में पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद दलाई लामा का अगला पड़ाव लेह लद्दाख होगा। वे जुलाई के अंत तक लद्दाख की यात्रा पर निकल सकते हैं। वहां के बौद्ध समुदाय और स्थानीय नागरिक उनके स्वागत की तैयारियां कर रहे हैं। दलाई लामा का लद्दाख दौरा धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। गौरतलब है कि लद्दाख की वादियों में हर साल दलाई लामा करीब एक से डेढ़ माह का समय बिताते हैं। आमतौर पर दलाई लामा हर साल गर्मियों के महीनों में लद्दाख की शांत वादियों में प्रवास करना पसंद करते हैं, क्योंकि वहां का मौसम इस दौरान उनके स्वास्थ्य के अनुकूल रहता है। लेह और आसपास के क्षेत्रों में अपने प्रवास के दौरान वे न केवल विभिन्न तिब्बती विभिन्न धार्मिक सभाओं और प्रवचनों को संबोधित करेंगे, बल्कि वहां के ऐतिहासिक स्थानीय मठों (गोम्पाओं) में विशेष पूजा-अर्चना भी करेंगे।

दलाई लामा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली में उपचार की सफलता और डॉक्टरों से हरी झंडी मिलने के बाद ही लद्दाख के विस्तृत कार्यक्रमों की तारीखें आधिकारिक तौर पर जारी की जाएंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया