हिमाचल में एक वर्ष में साइबर ठगी की 18,700 शिकायतें, 132 करोड़ की ठगी
धर्मशाला, 16 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वर्ष 2025 के दौरान राज्य में ठगी से संबंधित 18 हजार 700 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें करीब 132 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और पुलिस विभाग की ओर से जागरूकता अभियान शुरू किया गया है।
इसी कड़ी में सोमवार को एनएसई और सेबी की ओर से वित्तीय साक्षरता पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय कांगड़ा में किया गया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीर बहादुर सिंह मौजूद रहे। वहीं सेबी के नॉर्दर्न रीजन के क्षेत्रीय निदेशक विजयंत कुमार वर्मा और एनएसई के चीफ मैनेजर विवेक दुआ ने भी भाग लिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीर बहादुर सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध और ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कारोबारी, सेवानिवृत्त अधिकारी और आम लोग भी इन ठगी के मामलों का शिकार बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में स्टॉक मार्केट, निवेश और पैसे दोगुने करने जैसे झांसे देकर करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही है। ऐसे में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इन तरीकों की पूरी जानकारी होना जरूरी है, ताकि आम लोगों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सेबी के क्षेत्रीय निदेशक विजयंत कुमार वर्मा ने कहा कि लोगों की आर्थिक सुरक्षा के लिए सेबी का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि सेबी और पुलिस विभाग मिलकर धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर पैसे दोगुने करने का लालच देकर लोगों से बड़ी ठगी कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है, ताकि वे इस तरह के फ्रॉड से बचें।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया