कांग्रेस के तीन पार्षदों और एक पूर्व प्रत्याशी के खिलाफ सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के आरोप, उपायुक्त को सौंपी शिकायत

 

धर्मशाला, 30 जून (हि.स.)। नगर निगम धर्मशाला में बुधवार को प्रस्तावित मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव से ठीक पहले एक नया विवाद सामने आया है। कांग्रेस के तीन नवनिर्वाचित पार्षदों तथा एक पूर्व पार्षद प्रत्याशी पर सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण करने के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में उपायुक्त कांगड़ा को शिकायत पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।

शिकायतकर्ताओं अक्षय धीमान, चुहडू राम, नेहा संगल का आरोप है कि संबंधित कांग्रेस नेताओं ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किया है। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही निर्वाचित पार्षदों के मामलों में उनकी सदस्यता पर भी कानूनी प्रभाव पड़ सकता है।

जिन कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाए गए हैं, उनमें वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस पार्षद एवं पूर्व मेयर नीनू शर्मा, वार्ड नंबर 11 से पार्षद अनुराग धीमान, वार्ड नंबर 14 से पार्षद आनोज विष्ट तथा वार्ड नंबर 17 से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी सुरेश पप्पी शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, आगामी दिनों में वार्ड नंबर 15 खनियारा से पूर्व मेयर रजनी व्यास तथा वार्ड नंबर 2 से ओंकार सिंह नैहरिया के विरुद्ध भी कथित अतिक्रमण मामलों में कानूनी राय ली जा रही है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि आवश्यक साक्ष्य मिलने पर इन मामलों में भी उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।

गौरतलब है कि नगर निगम धर्मशाला के 17 वार्डों के लिए हुए हालिया चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 11 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस को 5 सीटों पर सफलता मिली, जबकि एक सीट निर्दलीय प्रत्याशी के खाते में गई। ऐसे में संख्याबल के आधार पर मेयर और डिप्टी मेयर पदों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया