जिला कांगड़ा में टीबी उन्मूलन की दिशा में किए जा रहे हैं सकारात्मक प्रयास : सीएमओ

 


धर्मशाला, 26 अगस्त (हि.स.)। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कांगड़ा डॉ. ओमेश भारती ने कहा कि जिला कांगड़ा में टीबी उन्मूलन की दिशा में निरंतर और सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला के सभी स्वास्थ्य खंडों की सक्रिय भागीदारी से जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य खंडों और टीमों की सराहना करते हुए अन्य खंडों को भी अपने प्रदर्शन में सुधार लाने के निर्देश दिए।

बुधवार को आयोजित जिला कांगड़ा में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय विशेष मासिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए सीएमओ ने यह बात कही। बैठक में जिले में संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई तथा आगामी अवधि के लिए कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान वर्ष 2026 में टीबी नोटिफिकेशन के क्षेत्र में जिला कांगड़ा ने 99 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की है। इंदौरा, थुरल, डाडासीबा, नगरोटा सूरियां तथा शाहपुर सहित कई स्वास्थ्य खंडों ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अथवा उससे बेहतर प्रदर्शन किया है। इसी प्रकार प्रिजम्प्टिव टीबी जांच में भी जिला स्तर पर 97 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति दर्ज की गई है।

टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत अब तक 62,585 संवेदनशील व्यक्तियों एवं नए एपिसोड का नामांकन किया गया है, जिनमें से 46,136 व्यक्तियों की एक्स-रे जांच की जा चुकी है।

बैठक में उच्च जोखिम वाले गांवों में आयोजित आयुष्मान आरोग्य शिविरों की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी खंडों को शेष गांवों में शिविरों की गति बढ़ाने तथा अधिक से अधिक संवेदनशील आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। जिले में कुल 969 उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई है।

डॉ. ओमेश भारती ने सभी संबंधित टीमों को उपचाराधीन मरीजों का नियमित फॉलो-अप, समय पर परिणाम आवंटन तथा उपचार परिणामों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जिले को 90 प्रतिशत से अधिक उपचार सफलता दर के लक्ष्य तक पहुंचाया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया