ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था की मजबूती में मील का पत्थर साबित होगा ढगवार मिल्क प्लांट : मुख्यमंत्री सुक्खू
धर्मशाला, 29 अप्रैल (हि.स.)।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला के ढगवार में 225 करोड़ रूपये की लागत से स्थापित किए जा रहे दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का दौरा किया तथा वहां चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र की 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध की क्षमता होगी, जिसे बाद में 3 लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र में दूध से विभिन्न उत्पादों जैसे पनीर, मक्खन, आईसक्रीम इत्यादि को तैयार किया जाएगा। इस संयंत्र से कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर तथा चंबा जिलों के किसान लाभान्वित होंगे तथा उनकी आर्थिकी मजबूत होगी। उन्होंने इस संयंत्र के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित करने में अहम भूमिका निभायेगा तथा उनकी आय में बढ़ौतरी होगी जिससे उनके जीवन-स्तर में आशातीत बदलाव लायेगा। उन्होंने कहा कि ढगवार मिल्क प्लांट ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।
ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वचनबद्ध है तथा इस दिशा में अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार दूध पर समर्थन मूल्य देना वाला देश का पहला राज्य है तथा हमने गाय के दूध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है ताकि लोगों को रसायनिक-मुक्त उत्पाद उपलब्ध करवाये जा सकें। उन्होंने कहा कि इस वर्ष से सरकार ने प्राकृतिक तौर से उत्पादित गेहूं का समर्थन मूल्य 60 रूपये से बढ़ाकर 80 रूपये प्रति किलो, मक्की का 40 रूपये से बढ़ाकर 50 रूपये प्रति किलो, पांगी घाटी का जौ 60 रूपये से बढ़ाकर 80 रूपये प्रति किलो तथा हल्दी का समर्थन मूल्य 90 रूपये से बढ़ाकर 150 रूपये प्रति किलोग्राम करने का निर्णय लिया है। राज्य में पहली बार अदरक के लिए 30 रूपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से किसानों की आय में बढ़ौतरी होगी तथा उनकी आर्थिकी और अधिक सुदृढ़ होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया