किशाऊ बांध परियोजना पर सहमति मोदी सरकार की 'संवाद से समाधान' नीति की बड़ी जीत : संजय शर्मा

 


धर्मशाला, 17 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा ने किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना को लेकर पिछले 8 वर्षों से चले आ रहे वित्तीय गतिरोध को समाप्त करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक में 6 राज्यों के बीच बनी ऐतिहासिक सहमति पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय शर्मा ने कहा कि यह समझौता इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राजनीति से ऊपर उठकर हिमाचल प्रदेश के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा ने हिमाचल प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके मंत्रियों द्वारा केंद्र सरकार पर उपेक्षा और वित्तीय भेदभाव के जो राजनीतिक आरोप लगाए जाते रहे हैं, इस ऐतिहासिक फैसले ने उन सभी दावों को पूरी तरह नकार और ध्वस्त कर दिया है।

संजय शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के हितों का न केवल पूरा ध्यान रखा, बल्कि राज्य पर आने वाले करीब 2,000 करोड़ के अतिरिक्त वित्तीय भार (विद्युत घटक लागत) को भी पूरी तरह समाप्त करवा दिया है। अब हिमाचल को बिना एक भी रुपया खर्च किए, इस परियोजना से सालाना 100 करोड़ यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी, जिससे राज्य के खजाने में 600 करोड़ से अधिक का वार्षिक राजस्व आएगा। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि केंद्र की प्राथमिकता केवल और केवल हिमाचल की जनता का कल्याण है। यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि परियोजना के साथ जुड़े बाक़ी तीनों राज्यों में भारतीय जानता पार्टी की सरकारें हैं और यदि भेदभाव की राजनीति करनी होती तो केंद्रीय गृह मंत्री इस परियोजना को टालने के लिए बोल सकते थे । लेकिन भाजपा विकास की राजनीति करती है।

संजय शर्मा ने सुक्खू सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि संघीय ढांचे में केंद्र सरकार के साथ बेवजह टकराव और नकारात्मकता की राजनीति कभी भी हिमाचल के हित में नहीं हो सकती।

संजय शर्मा ने कहा कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए केंद्र पर ठीकरा फोड़ने और राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय, अब समय आ गया है कि हिमाचल की कांग्रेस सरकार अपने दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाए।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया