सीबीएसई स्कूलों पर कांग्रेस सरकार की नीयत और नीति दोनों फेल : राकेश जमवाल

 


धर्मशाला, 05 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार की कार्यशैली ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कांग्रेस सरकार घोषणाएं करने में सबसे आगे और उन्हें धरातल पर उतारने में सबसे पीछे है। स्वतंत्रता दिवस के मंच से सरकारी स्कूलों में सीबीएसई लागू करने की बड़ी घोषणा कर प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों को सपने दिखाए गए, लेकिन लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रदेश का एक भी सरकारी सीबीएसई स्कूल शुरू नहीं हो पाया। सरकार की इस देरी के कारण अनेक विद्यार्थी निजी सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश लेने या दूसरे राज्यों के स्कूलों का रुख करने को मजबूर हो गए हैं।

रविवार को जारी एक प्रेस बयान में राकेश जम्वाल ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है और कई छात्रों का शैक्षणिक भविष्य असमंजस में फंस गया है। अब स्वयं शिक्षा मंत्री यह स्वीकार कर रहे हैं कि मामला अभी भी निर्णय और नियुक्तियों के बीच अटका हुआ है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह समझना चाहिए कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश के बच्चों के भविष्य का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की लापरवाही का सबसे बड़ा नुकसान प्रदेश के विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। सीबीएसई स्कूलों की घोषणा के बाद भी आज तक उन्हें शुरू नहीं किया गया। बच्चे असमंजस में हैं, अभिभावक परेशान हैं और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह अनिश्चितता का शिकार है। सरकार स्वयं स्वीकार कर रही है कि शिक्षक अभी तक तैनात नहीं हो पाए हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री सार्वजनिक रूप से यह कह रहे हैं कि विभाग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है और अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री को लेना है। इससे साफ है कि प्रदेश के मंत्री अपने विवेक से कोई निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं। यदि मुख्यमंत्री को अपने ही मंत्रियों पर विश्वास नहीं है तो फिर उन्हें मंत्री बनाने का औचित्य क्या है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की मांग है कि मेरिट के आधार पर चयनित शिक्षकों को तत्काल नियुक्ति देकर चरणबद्ध तरीके से सीबीएसई स्कूल शुरू किए जाएं। यदि सरकार अब भी निर्णय लेने में असफल रहती है तो भाजपा इस मुद्दे को प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप देने से पीछे नहीं हटेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया