भाजपा के प्रदर्शन और पुतला फूंकने के मामले में पार्षदों के बाद अब अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी दर्ज होगा मामला
धर्मशाला, 19 जून (हि.स.)। नगर निगम धर्मशाला के नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण से पहले भाजपा समर्थित पार्षदों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व आयुक्त नगर निगम का पुतला फूंकने के मामले में पहले आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद अब पुलिस अपनी जांच का दायरा बढ़ा रही है।
सूत्रों के अनुसार इस मामले में नवनिर्वाचित सभी 11 पार्षद जो धरना-प्रदर्शन करने पहुंचे थे उनके साथ ही 15 से 20 लोगों को आरोपी बनाया जा सकता है। वहीं, पूछताछ के लिए नवनिर्वाचित पार्षदों सहित अन्य भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी बुलाया जा रहा है। इसमें शुक्रवार को भी एक दर्जन के करीब पार्षदों व पदाधिकारियों को पुलिस थाना धर्मशाला में बुलाया गया था। पुलिस थाना धर्मशाला में एमसी धर्मशाला के कार्यालय परिसर में बीते दिन वीरवार को आग लगाने व गैर कानूनी सभा करने के संबंध में बीएनएस की धारा 287 व 189(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि वीरवार को नगर निगम कार्यालय परिसर स्थित स्मृद्धि भवन के बाहर भाजपा समर्थित पार्षदों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण में हो रही देरी के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा मुख्यमंत्री व एमसी आयुक्त का पुतला भी फूंकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ समय तक पुलिस मूकदर्शक बनी रही। पुतले में आग लगने के बाद पुलिस कर्मियों ने जलते हुए पुतले को मौके से हटाया। घटना के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
भाजपा समर्थित पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम चुनाव के परिणाम घोषित होने के बावजूद अब तक शपथ ग्रहण नहीं कराया गया है। इसके चलते वह अपने-अपने वार्डों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं, और लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने प्रदर्शन किया था।
गौरतलब है कि नगर निगम धर्मशाला के चुनाव 17 मई को हुए थे, जबकि परिणाम 31 मई को घोषित किए गए थे। इसके बावजूद नवनिर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण अब तक लंबित है, हालांकि उसकी तिथि 29 जून तय की गई है। भाजपा का आरोप है कि प्रदेश सरकार जानबूझकर प्रक्रिया में देरी कर रही है।
उधर पुलिस ने प्रदर्शन के वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। जांच के दौरान प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है और कई अन्य लोगों को भी नोटिस जारी किए जा सकते हैं।
उधर, कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न ने बताया कि नगर निगम धर्मशाला कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के मामले में नवनिर्वाचित पार्षदों सहित 15 से 20 लोगों केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है, और कानून के अनुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया