सुक्खू सरकार में शासन नहीं, सत्ता की कुर्सी के लिए चल रहा खुला युद्ध : विश्व चक्षु
धर्मशाला, 18 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आज शासन नहीं, बल्कि सरकार के भीतर सत्ता संघर्ष, तनाव और अव्यवस्था का खुला खेल चल रहा है। रविवार को जारी एक प्रेस बयान में विश्व चक्षु ने कहा कि इतना बिखरा हुआ कुनबा आज तक किसी भी सरकार में नहीं देखा गया। जहां मंत्री अपने ही प्रशासन पर सवाल उठा रहे हों, विधायक असंतुष्ट हों और सरकार के भीतर हर स्तर पर अविश्वास का माहौल हो।
एडवोकेट विश्व चक्षु ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर मंत्री विक्रमादित्य सिंह का बयान कांग्रेस सरकार की अंदरूनी विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। इस एक बयान पर चार मंत्रियों, एक विधायक, विपक्ष के नेता और एक पूर्व आईपीएस अधिकारी की प्रतिक्रियाएं सामने आना यह साबित करता है कि कांग्रेस सरकार पूरी तरह नियंत्रण खो चुकी है।
उन्होंने कहा कि जहां सरकार को एकजुट होकर प्रदेश की समस्याओं से लड़ना चाहिए था, वहां कांग्रेस नेता एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
विश्व चक्षु ने कहा कि एक ओर हिमाचल प्रदेश हर साल प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस सरकार का पूरा ध्यान बयानबाज़ी और आंतरिक कलह में लगा है। न आपदा प्रबंधन पर कोई ठोस नीति है और न ही कानून व्यवस्था पर सरकार का नियंत्रण दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, जनता असुरक्षित महसूस कर रही है और सरकार सत्ता के नशे में ज़मीनी हकीकत से कट चुकी है।
एडवोकेट विश्व चक्षु ने कहा कि कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इसके कामकाज पर सबसे तीखे सवाल विपक्ष नहीं, बल्कि सरकार के अपने मंत्री और नेता ही उठा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस शासन जनता का विश्वास पूरी तरह खो चुका है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया