धर्मशाला में भाजपा की रैली स्थल की अनुमति पर संशय

 

धर्मशाला, 30 नवंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी की चार दिसंबर को प्रस्तावित महा रैली और विधानसभा घेराव से पहले ही रैली स्थल को लेकर विवाद खड़ा होने की संभावना बन गई है। भाजपा ने इस रैली के लिए जोरावर स्टेडियम को मुख्य स्थल के तौर पर चुना है और इसमें बीस हजार से अधिक लोगों को जुटाने का दावा किया जा रहा है। इसके लिए पार्टी पूरे प्रदेश में जोरदार प्रचार भी कर रही है। लेकिन प्रशासनिक रुख से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि रैली स्थल बदला जा सकता है, जिससे पार्टी और प्रशासन के बीच तनातनी की स्थिति बन सकती है।

जानकारी अनुसार एसडीएम धर्मशाला ने संकेत दिया है कि यदि रैली में उपस्थित लोगों की संख्या पांच हजार से अधिक होती है, तो स्थल को जोरावर स्टेडियम से बदलकर पुलिस ग्राउंड में स्थानांतरित किया जाएगा। प्रशासन के इस निर्णय के पीछे सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि हाल ही में पेंशनर्स की विरोध रैली को भी प्रशासन ने इसी कारण जोरावर स्टेडियम से पुलिस ग्राउंड शिफ्ट किया था। बाद में पेंशनर्स ने पुलिस ग्राउंड से विरोध जताते हुए जोरावर स्टेडियम की ओर मार्च किया और सड़क पर चक्का जाम कर दिया था।

वहीं भाजपा ने अपने प्रचार अभियान में जोरावर स्टेडियम का नाम बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है और कार्यकर्ताओं व समर्थकों को यही स्थान बताया गया है। ऐसे में यदि अंतिम समय में स्थल बदल दिया जाता है तो यह न केवल भाजपा के प्रचार और तैयारियों को प्रभावित करेगा, बल्कि रैली में शामिल होने आने वाले हजारों लोगों के लिए भारी भ्रम और असुविधा भी पैदा कर सकता है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मुद्दे पर पार्टी और प्रशासन का टकराव एक बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है, जिस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं। इधर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल और अन्य वरिष्ठ नेता जोरावर स्टेडियम का दौरा कर मंच निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी कर चुके हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया