हिमाचल प्रदेश में चरमराई कानून-व्यवस्था : विश्व चक्षु

 


धर्मशाला, 14 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। धर्मशाला से जारी एक प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि देवभूमि अब धीरे-धीरे ‘क्राइम ज़ोन’ में तब्दील होती जा रही है। उन्होंने कहा कि मंडी जिला के सरकाघाट जैसे शांत क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई हत्या और चंबा में अवैध कटान रोकने गई वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमले ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है।

विश्व चक्षु ने स्पष्ट किया कि आज प्रदेश का हर नागरिक अपनी और विशेषकर अपनी बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर गहरे असमंजस और चिंता में है, क्योंकि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें न तो पुलिस का भय है और न ही कानून का सम्मान। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर नशा माफिया पूरे प्रदेश को अपनी गिरफ्त में ले रहा है और दूसरी ओर सरेआम हो रही हिंसा अराजकता का प्रमाण है, जो पूरी तरह से सरकार की प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है।

चंबा की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब सरकारी कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं और उन पर पत्थरबाजी कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पंहुचाया जा रहा है, तो आम आदमी की सुरक्षा की कल्पना करना भी मुश्किल है। चक्षु ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह अपनी कुंभकर्णी नींद से जागे और केवल खोखले आश्वासन देने के बजाय धरातल पर कड़े कदम उठाए, ताकि अपराधियों में कानून का खौफ पुनः स्थापित हो सके।

उन्होंने त्वरित कार्रवाई और प्रभावी पुलिसिंग की आवश्यकता पर जोर देते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ नहीं किया गया, तो देवभूमि की शांति और संस्कृति पूरी तरह खंडित हो जाएगी, जिसके लिए वर्तमान सरकार सीधे तौर पर उत्तरदायी होगी। एडवोकेट विश्व चक्षु ने उम्मीद जताई कि सरकार इन संवेदनशील घटनाओं को गंभीरता से लेगी और जनता व कर्मचारियों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल कर प्रदेश में शांति का माहौल कायम करेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया