टांडा मेडिकल कॉलेज की बदहाली ने खोली सुक्खू सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल : बिक्रम ठाकुर
धर्मशाला, 08 अगस्त (हि.स.)। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता बिक्रम सिंह ठाकुर ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं कर रही है, लेकिन प्रदेश के सबसे प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आम मरीजों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी जूझना पड़ रहा है। सरकार रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के सपने दिखा रही है, जबकि अस्पताल में मरीजों को पैरासिटामोल, गैस की दवा, ग्लूकोज और रोजमर्रा की जरूरी दवाइयों के लिए भी बाहर का रास्ता देखना पड़ रहा है।
शनिवार को जारी एक प्रेस बयान में बिक्रम ठाकुर ने कहा कि आज स्थिति यह है कि मरीज और उनके तीमारदार अस्पताल पहुंचने के बाद दवाइयों की पर्ची लेकर मेडिकल स्टोरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। यह किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में करोड़ों रुपये की घोषणाओं और अत्याधुनिक तकनीक की बातें कर रही है। रोबोटिक सर्जरी की बातें सुनने में अच्छी लगती हैं, लेकिन सवाल यह है कि जिस अस्पताल में सामान्य मरीज को आवश्यक दवा तक उपलब्ध नहीं हो रही, वहां सरकार अपनी प्राथमिकताएं तय क्यों नहीं कर पा रही? सरकार को पहले अस्पतालों की बुनियादी व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए, उसके बाद बड़े प्रोजेक्ट और प्रचार की बातें करनी चाहिए।
पूर्व मंत्री ने कहा कि गरीब परिवार जब अपने मरीज को लेकर टांडा पहुंचता है तो उसे सरकार से राहत की उम्मीद होती है, लेकिन यदि उसे बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ें तो सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का उद्देश्य ही सवालों के घेरे में आ जाता है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया