सुक्खू सरकार की लूट पर पर्दा डालने के लिए भाजपा पर झूठे आरोप लगा रहे हैं जगत नेगी : बिक्रम ठाकुर

 


धर्मशाला, 04 जून (हि.स.)। पूर्व उद्योग मंत्री एवं भाजपा नेता बिक्रम ठाकुर ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा बिलासपुर सीमा पर लगाए गए तथाकथित “खालसा एंट्री टैक्स” को भाजपा की साजिश बताने वाले बयान को हास्यास्पद, तथ्यहीन और जनता को गुमराह करने का एक और असफल प्रयास बताया है।

वीरवार को जारी एक प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि जिस टैक्स को लेकर आज प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के लोगों में रोष है, उसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु और उनकी कांग्रेस सरकार की है। भाजपा ने तो शुरू से ही इस एंट्री टैक्स का विरोध किया था और सरकार को चेताया था कि हिमाचल प्रदेश एक पर्यटन राज्य है, यहां आने वाले पर्यटकों और व्यापारिक गतिविधियों पर अतिरिक्त बोझ डालना प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग दोनों के लिए नुकसानदायक साबित होगा।

बिक्रम ठाकुर ने कहा कि आज मंत्री जगत नेगी यह बताएं कि एंट्री टैक्स लगाने का निर्णय भाजपा ने लिया था या मुख्यमंत्री सुक्खु की कांग्रेस सरकार ने? अधिसूचना कांग्रेस सरकार ने जारी की, टैक्स कांग्रेस सरकार ने लगाया, जनता से पैसा कांग्रेस सरकार ने वसूला और अब जब पूरे प्रदेश में इसका विरोध हो रहा है तो उसका ठीकरा भाजपा के सिर फोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यह कांग्रेस की पुरानी आदत है कि पहले जनता पर बोझ डालो और फिर अपनी गलतियों के लिए विपक्ष को दोषी ठहराओ।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा से लेकर सड़क तक इस टैक्स का विरोध किया क्योंकि यह स्पष्ट था कि इससे हिमाचल की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा। पड़ोसी राज्यों से आने वाले पर्यटकों, व्यापारियों और आम लोगों में गलत संदेश जाएगा। लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खु को जनता की सुविधा से अधिक राजस्व वसूली की चिंता थी। आज स्थिति यह है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण पड़ोसी राज्यों के साथ अनावश्यक तनाव की स्थिति पैदा हुई और हिमाचल की छवि को नुकसान पहुंचा।

बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मंत्री जगत नेगी को भाजपा पर निराधार आरोप लगाने के बजाय मुख्यमंत्री सुक्खू से पूछना चाहिए कि आखिर जनता पर यह अतिरिक्त बोझ क्यों डाला गया। कांग्रेस सरकार पहले प्रदेश की जनता से माफी मांगे और फिर एंट्री टैक्स जैसे जनविरोधी निर्णयों को पूरी तरह वापस लेने की घोषणा करे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया