आपातकाल देश के इतिहास में काला अध्याय : विपिन परमार

 




धर्मशाला, 25 जून (हि.स.)। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि भाजपा ने आज देशभर में 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में आपातकाल की बरसी मनाई है। उन्होंने कहा कि आधी रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू कर लोकतंत्र की हत्या की थी।

धर्मशाला में आयोजित प्रेस वार्ता में विपिन सिंह परमार ने कहा कि आपातकाल के दौरान देश में अराजकता, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई चरम पर थी तथा आम जनता के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने उस समय लोकतंत्र की आवाज को दबा दिया था और प्रेस पर सेंसरशिप लागू कर मीडिया की स्वतंत्रता समाप्त कर दी गई थी।

परमार ने कहा कि आपातकाल के दौरान जबरन नसबंदी जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं, जो मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन था। उन्होंने कहा कि उस दौर में लोकतंत्र को बचाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज में जागरूकता फैलाकर विरोध दर्ज कराया। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस का यह इतिहास आज भी लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

परमार ने हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार का उल्लेख करते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान उन्हें भी महीनों तक जेल में रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि संविधान देश की आत्मा है और 140 करोड़ देशवासियों का विश्वास ही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। विधायक परमार ने वर्तमान प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार प्रेस की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकाल के समय कांग्रेस का जो स्वरूप था, उसकी झलक आज प्रदेश की कांग्रेस सरकार में भी दिखाई दे रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया